रिपोर्टर- जन्म प्रमाण पत्र बनना है, नर्सिंग होम की स्लिप नहीं है। नगर निगम वाले तमाम कागज मांग रहे हैं। इसमें समय लग जाएगा जबकि स्कूल वाले 10 जुलाई तक मांग रहे हैं।
एजेंट - गलत बताया है। सौ साल का आदमी भी हो तो बन जाएगा। हम बनवाएंगे। आप तो माता पिता के आधार कार्ड हमें दे दो।
(इसके बाद एजेंट ने अपने बैग से कुछ कागज निकाले। उनको दिखाते हुए)
एजेंट- मुझे ऐसा फार्मेट चाहिए। हम किसी भी हॉस्पिटल का नाम डाल लेंगे। अभी मेरा एक क्लाइंट था। उसके पास कोई प्रूफ नहीं था। वह आगरा का रहने वाला है। हमने कहा जब हम बैठे हैं तो तुझे क्या टेंशन है। .... हॉस्पिटल ( देहली गेट के एक निजी हास्पिटल का नाम लिया) से बनवा कर लाए हैं, देख लो। एक हजार रुपये में बनवाया है। मुहर लगी है। तारीख लिखी है।
रिपोर्टर- ऐसा है तो पहले ही बता देते। हम नर्सिंग होम की स्लिप के लिए परेशान हो रहे हैं। यह बताओ कि अगर स्कूल वाले क्रास चेक कराएं तो सही निकलेगा।
एजेंट- बिल्कुल ओरिजिनल, नंबर एक में। कहीं भी नहीं रुकेगा। दिखवा लेना।
रिपोर्टर- फिर मैं तुम्हें आधार कार्ड और तीन हजार रुपये... (बीच में रोकते हुए)
एजेंट- नहीं....इसके तो एक हजार अलग देने पड़ेंगे। (नर्सिंग होम की स्लिप के) हां यह गारंटी है कि 15 दिन में बनाकर दे देंगे।
रिपोर्टर- यानि चार हजार, यह (एमाउंट) ज्यादा नहीं हो जाएगा।
एजेंट - यह (नर्सिंग होम की स्लिप) तुम्हें नहीं देंगे, हमें दे देंगे क्योंकि हम यही काम करते हैं। वह हमसे जुड़े हुए हैं। आधार कार्ड और बच्चे के फोटो ले आना। पैसे दे जाना।
रिपोर्टर- पैसे पहले
एजेंट- फाइल जमा होकर रसीद मिलेगी। रसीद ही सबूत है। रसीद हाथ में आने का मतलब काम शुरू हो गया।
(एजेंट ने रसीद दिखाई। माता पिता का आधार कार्ड और बच्चे का फोटो लाने के लिए कहा। अगले दिन आने के लिए कह दिया)