क्वार्सी स्थित प्राथमिक विद्यालय में एक ही कमरे में दो कक्षाओं को छात्र।
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क्वार्सी क्षेत्र के 53 बच्चों के शिक्षा से दूर होने के मामले का बीएसए सतेंद्र कुमार ने संज्ञान लिया है। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को इन बच्चों का सत्यापन, दाखिला और आधारकार्ड बनवाने के निर्देश दिए हैं। जबकि ऐसे ड्रॉप आउट बच्चों के चिह्निकरण के लिए रणनीति बनाई है। वहीं, उड़ान सोसाइटी के निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बच्चों के घरों का सर्वे किया है।
अमर उजाला ने मंगलवार को शिक्षा की मुख्य धारा से दूर हैं क्वार्सी क्षेत्र के 53 बच्चे शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस पर बीएसए सतेंद्र कुमार ने खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि इन बच्चों का दाखिला कराया जाए। आधारकार्ड न हो तो बनवाएं। कहा है कि अगर प्राइमरी स्कूल में बच्चों की संख्या अधिक है तो आसपास के निजी स्कूलों में इनका दाखिला कराया जाए। उन्होंने बताया कि शिक्षा के अधिकार से वंचित 53 बच्चों का सत्यापन किया जाएगा। साथ ही पूरे जनपद में ड्रॉप आउट बच्चों को तलाशा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष शारदा कार्यक्रम के तहत ऐसे बच्चों को ढूंढा जाता है, जो स्कूल नहीं जाते हैं। ये बच्चे कैसे बच गए, इसकी जानकारी की जाएगी।
अधूरे कागजातों को पूरा कराएगी संस्था
- चाइल्ड लाइन संस्था के निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि उक्त बच्चों के आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है। इस वजह से बेसिक स्कूलों में दाखिला नहीं होता है। वहां डीबीटी के लिए आधारकार्ड और अभिभावकों के खाते का नंबर लिया जाता है। इसीलिए आधारकार्ड, जाति प्रमाणपत्र और आयप्रमाण पत्र जैसे कागज शिविर लगाकर बनवाए जाएंगे। सभी बच्चों के अभिभावक नहीं मिले। इसीलिए पहले सभी से संपर्क करेंगे और एक दिन शिविर लगाकर इनके कागज बनवाएंगे।
दो कमरे के स्कूल में पढ़ते हैं 432 बच्चे
अलीगढ़। क्वार्सी क्षेत्र की वाल्मीकि बस्ती में प्राथमिक विद्यालय मिला, जो कि दो कमरों में संचालित है। यहां पता चला कि कक्षा एक से पांच तक 432 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। एक-एक कमरे में दो-दो कक्षाएं चलती हैं। बरामदे में भी बच्चों को बैठाते हैं। इस विद्यालय में नामांकन बढ़ रहा है।