फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़: तीन दशक बाद आ रहे महाभारत की पटकथा एएमयू के राही मासूम रजा ने लिखी थी

Sat, 28 Mar 2020 06:30 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
विज्ञापन
डॉक्टर राही मासूम रजा फाइल फोटो - फोटो : AMAR UJALA
विज्ञापन

दीपक शर्मा अलीगढ़ । तीन दशक बाद छोटे पर्दे पर फिर से प्रसारित होने जा रहे धारावाहिक महाभारत की पटकथा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के उर्दू विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. राही मासूम रजा ने लिखी थी। इस धारावाहिक के टीवी पर फिर से प्रसारित होते ही अब राही मासूम रजा की एक बार फिर से चर्चा भी होने लगी है।

विज्ञापन


राही मासूम रजा का अलीगढ़ में वह कमरा और मकान अभी भी मौजूद है जहां पर बैठकर उन्होंने महाभारत के कई एपिसोड लिखे। राही मासूम रजा से जुड़े रहे और एएमयू के यूनानी चिकित्सा में प्रोफेसर एफ एस शीरानी कहते हैं कि राही मासूम रजा एएमयू के उर्दू विभाग में 1960 में पढ़ाया करते थे । 

उस समय अलीगढ़ के ही एक फिल्म निर्माता जो कि उस समय बहुत मशहूर थे, आर चंद्रा (भारत भूषण के बड़े भाई ) अपनी फिल्म नई उमर की नई फसल की अलीगढ़ में शूटिंग कर रहे थे। इस दौरान राही मासूम रजा मुंबई के लोगों के संपर्क में आए।
विज्ञापन


मुंबई के फिल्म जगत के लोगों ने राही मासूम रजा को वहां आने की दावत दी। इसके बाद राही मासूम रजा मुंबई शिफ्ट हो गए । उन्होंने तकरीबन 300 फिल्मों में स्क्रिप्ट लिखने का काम किया।

बीआर चोपड़ा जब अपने मेगा सीरियल महाभारत का निर्माण कर रहे थे तो उसके लिए पटकथा और संवाद लिखने का काम डॉ. राही मासूम रजा को दिया गया। यह काम उनके जीवन में मील का पत्थर बन गया।

प्रोफेसर शीरानी बताते हैं महाभारत का एक दृश्य है, जिसमें एक किरदार गंगा, नदी के तट पर कुछ कंकर चुन रही है। यह उनके पुत्रों की अस्थियां थीं। इस सीन के लिए राही मासूम रजा ने मीर अनीस का मर्सिया मंगवाया और उसको उलट कर यह शोक भरा दृश्य लिख दिया।

महाभारत के एपिसोड लिखते हुए एक वक्त ऐसा भी आया कि जब राही मासूम रजा को मुंबई में मेंटल ब्लॉक हो गया।  वह लिख पाने में अपने आप को असमर्थ सा महसूस करने लगे।

इससे निजात पाने के लिए अलीगढ़ आ गए और यहीं पर शमशाद मार्केट स्थित अपनी कोठी के बगीचे में बैठकर महाभारत के कई सीन लिखे।  प्रोफेसर शीरानी कहते हैं केवल महाभारत ही नहीं उन्होंने नीम का पेड़ और चंद्रकांता जैसे धारावाहिकों की पटकथा भी अलीगढ़ में ही रहते हुए लिखी । वह फरवरी और मार्च के महीने में अलीगढ़ आते थे और यहां पर रुकना उन्हें बेहद पसंद था।

विज्ञापन

प्रोफेसर एफ एस शीरानी, एएमयू - फोटो : AMAR UJALA
प्रोफेसर एफ एस शीरानी, एएमयू
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें