शहर की घनी आबादी वाले इलाके रसलगंज, बारहद्वारी, महावीर गंज, रेलवे रोड इलाके में शनिवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। यहां नाले और नालियों पर बने रैंप तोड़ दिए गए। अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों से करीब 10 हजार रुपये जुर्माना भी वसूला गया है। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने इस कार्रवाई पर एतराज जताते हुए अधिकारियों से नोकझोंक की थी। इस व्यावसायिक इलाके में यातायात को सुगम बनाने के लिए नगर निगम ने कई निर्देश भी जारी किए।
अभियान की शुरुआत रसलगंज से हुई। सड़कों पर खड़ी होनी वाली रेहड़ियों को पीछे करवाया। यहां पर टीम को किसी खास मशक्कत की जरूरत नहीं पड़ी। सराय हकीम, बारहद्वारी, महावीर गंज, पत्थर बाजार, रेलवे रोड पर भी अभियान चलाया। नाले-नालियों पर बने रैंप तोड़े गए। करीब एक दर्जन दुकानदारों पर 10 हजार रुपये जुर्माना ठोका गया। इसके साथ ही नगर निगम ने निर्देश जारी किया है कि दुकानदार दुकानों के आगे स्थित नाले-नालियों पर लोहे की ग्रिल लगाएंगे, जिस पर केवल ग्राहक खड़े होंगे। दुकानदार इस पर कोई सामान, काउंटर या डिस्प्ले आदि नहीं रखेंगे। इस अभियान में सिटी मजिस्ट्रेट विमल अग्रवाल, नगर निगम से सभापति यादव, अधिशासी अभियंता रमाकांत, अवर अभियंता कपिल, अमरीश, स्वच्छता निरीक्षक ऋषिपाल यादव, अनिल कुमार आदि मौजूद थे।
भाजपा कार्यालय के नीचे पकड़ी तेल की कालाबाजारी
अतिक्रमण हटाओ अभियान जब बारहद्वारी पर पहुंचा तो यहां पर सिटी मजिस्ट्रेट के कदम एक मिट्टी का तेल बेचने वाले की दुकान पर रुक गए। भाजपा के महानगर कार्यालय के नीचे ही चल रही इस दुकान पर अवैध ढंग से मिट्टी का तेल बिक रहा था।
सिटी मजिस्ट्रेट विमल अग्रवाल ने दुकान में साथ चल रहे स्टाफ को भेजा तो अंदर काले रंग के ड्रमों में मिट्टी का तेल था। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने शंका जताते हुए दुकान पर मौजूद लोगों से पूछा कि यहां पर यह कैसे बिक रहा है? इस पर दुकान पर मौजूद लोग कोई जवाब नहीं दे पाए।
सिटी मजिस्ट्रेट के सख्त रुख अपनाने पर दुकान के ऊपर स्थित घर में बैठा दुकानदार नीचे आ गया। उसने मिट्टी के तेल होने की बात नकारी और उसे सफेद तेल बताते हुए सफाई देने लगा। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने जिला पूर्ति अधिकारी को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। इस दौरान दुकानदार ने एक भाजपा विधायक का नाम लेकर साथ चल रहे आईपीएस अधिकारी अमित कुमार से फोन पर बात कराने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया।
स्वेच्छा से हटाए कब्जे
इस अभियान की खास की बात यह रही कि बहुत बड़ी संख्या में दुकानदारों व अन्य लोगों ने स्वेच्छा से पहले ही अपने अतिक्रमण हटा लिए थे। रसलगंज पर तो तीन दिन पहले ही दुकानदारों ने अपने अतिक्रमण हटा लिए थे। इस प्रकार के अनुशासित अभियान के लिए प्रशासन और नगर निगम ने लोगों को बधाई दी है।