बूचड़खाने बंद कराने के विरोध में भैंस मीट कारोबारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल का व्यापक असर हुआ है। सोमवार शाम मकदूम नगर कमेला रोड स्थित मसजिद के सामने बने गैराज में सैकड़ों मीट कारोबारियों की पहली बड़ी मीटिंग हुई। जिसमें दो घंटे की बहस के बाद आम सहमति से भैंस मीट का पूरा खुदरा कारोबार बंद करने का बड़ा फैसला हुआ। ये बंदी प्रदेश सरकार द्वारा कोई राहत नहीं दिए जाने तक जारी रहेगी। चाहे इससे कितना भी नुकसान क्यों न हो। क्योंकि काम करने पर पुलिस की कार्रवाई को अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। ये भी तय हुआ कि जब तक नगर निगम का मकदूम नगर स्थित सरकारी स्लाटर हाउस बन कर तैयार नहीं हो जाता, तब तक ये बेमियादी बंदी जारी रहेगी।
नगर निगम का स्लाटर हाउस बन कर तैयार होने के बाद ही वहां से ही पशु कटवा कर लाया जाएगा और उसको ही खुदरा में बेचा जाएगा। तब तक बफैलो मीट एक्सपोर्ट यूनिटों से मीट लेने के प्रशासन के सुझाव को कारोबारियों से सिरे से नकार दिया है। गौर हो कि अलीगढ़ में रोजाना 45 टन भैंस, 8 टन बकरा और 60 टन मुर्गा और एक टन मछली की अनुमानित खपत है। मछली कारोबारी नन्ने भाई ने बताया कि भैंस मीट कारोबार अगर खुदरा में बंद हुआ तो मटन चिकन और मछली की मांग और रेट बढ़ेगा।
इधर, रविवार के बाद सोमवार को भी अधिकांश मीट की दुकानें बंद रहीं। भैंस मीट ही नहीं बकरे और चिकन का कारोबार भी प्रभावित है।
मटन व चिकन की बहुत सी दुकानें बंद हैं क्योंकि इनका नगर निगम में रजिस्ट्रेशन नहीं है इसलिए पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए दुकानें बंद रखी गईं। अलीगढ़ की बफैलो मीट एक्सपोर्ट की छह यूनिटों में कामकाम जारी है। हां, इनमें कटने वाले पशुआें की संख्या जरूर कम हो गई है क्योंकि पशुओं की सप्लाई मांग के अनुसार नहीं हो पा रही है। पशु पैंठों से भैंस की आपूर्ति करने वाले छोटे कारोबारियों ने पुलिस की पकड़ धकड़ से बचने के लिए काम बहुत सीमित कर दिया है। बैठक में एसएम यामीन, सोहराब कुरैश्ाी, हाजी वाहिब, हाजी असलम सहित अन्य कारोबारी मौजूद रहे।
एक्सपोर्ट हाउस से नहीं लेंगे मीट
जिला प्रशासन ने भैंस की खुदरा मीट की दुकानों पर आपूर्ति देने के लिए एक्सपोर्ट हाउस से 45 हजार किलो मीट प्रति दिन दिलाने की व्यवस्था की थी। तय हुआ था कि बड़े एक्सपोर्ट हाउस 300 भैंस काट कर ये बफैलो मीट देंगे। जो सुबह आठ बजे तक बंद कंटेनर से संबंधित दुकानों तक पहुंचा दिया जाए। इसका रेट 176 रुपये प्रति किलो तय हुआ था। परंतु मीट कारोबारियों ने प्रशासन के इस सुझाव को नकार दिया है। अब एक्सपोर्ट हाउस से मीट नहीं लिया जाएगा। मीट कारोबारियों का तर्क है कि जब 165 से 170 रुपये खुदरा में मीट बिक रहा है तो 176 रुपये में लेकर कैसे बेचा जाएगा। उस पर भी अगर बीच रास्ते में पकड़े गए तो पुलिस का झंझट कौन झेलेगा.?
एक्सपोर्ट हाउसाें का काम बंद कराएं
अलीगढ़। कमेला रोड मसजिद के सामने एक गैराज में हुई इस बैठक में ये भी बात उठी कि जब मीट बंदी कर छोटे कारोबारी अपना काम बंद कर रहे हैं तो एक्सपोर्ट हाउस का काम भी बंद कराया जाए ताकि सरकार तक अपनी बात पहुंचाई जा सके। लेकिन वहां मौजूद प्रबुद्ध लोगों ने कहा कि ऐसा न करें। एक्सपोर्ट हाउस का काम चलने दें। इस पर बाद में आम सहमति बन गई। लेकिन इस मीटिंग में शामिल हुए लोगों के तेवर देख कर एक्सपोर्ट हाउस प्रबंधकों में खलबली मची है। कहीं प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई झेल रहे छोटे कारोबारियों का गुस्सा उन पर फूट पड़े। अंदरखाने सभी एक्सपोर्ट हाउस संचालक इस बैठक पर पूरी निगाह बनाए रहे। यहां हुए फैसलों पर भी उनका पूरा ध्यान है।
मैं कमेला रोड में हुई मीटिंग में कारोबारियों के बुलाने पर गया था। सबकी सहमति से खुदरा में भैंस मीट का कारोबार पूरी तरह से बंद करने का फैसला लिया गया है। नगर निगम का स्लाटर हाउस चालू कराने की मांग वर्ष 2014 से ही हो रही है लेकिन अब तक चालू नहीं हुआ है। इसलिए नगर निगम का स्लाटर हाउस चालू होने तक पूरा खुदरा कारोबार बंद रहेगा।
-जफर आलम, पूर्व विधायक शहर