- वर्ष 2012 में जिले में भैंस की संख्या 11.30 लाख थी। जो वर्तमान में 9.70 लाख है। इसमें 3.90 लाख दुधारू भैंस हैं।
- वर्ष 2012 में गायों की संख्या 2.02 लाख थी। वर्तमान में गायों की संख्या 1.27 लाख है। इसमें दुधारू पशुओं की संख्या करीब 40 हजार है।
इतना दूध चाहिए जिले को
- जिले में 6 लाख लीटर दूध प्रतिदिन उत्पादन, जबकि 7 लाख लीटर प्रतिदिन की खपत
- एक लाख लीटर की मांग दिल्ली से पैक्ड दूध की आपूर्ति से पूरी होती है।
- 3.50 लाख लीटर पैक्ड दूध की खपत जिले में है।
पनीर के 36 और खोआ के 32 नमूने फेल
विभाग ने पनीर के 57 नमूने जांच को भेजे, इनमें से 36 नमूने फेल आए हैं। जबकि खोआ के 50 नमूने जांच के लिए भेजे थे इनमें से 32 नमूने फेल आए हैं। पनीर को सोया, रिफाइंड और मिल्क पाउडर से तैयार किया जा रहा था। इसी तरह खोआ को भी तैयार किया जा रहा था।
एक किलो पनीर बनाने किए लिए पांच लीटर दूध की जरूरत होती है और यह 360 रुपये प्रति किलो तक है। जबकि रिफाइंड और सोया से तैयार पनीर की कीमत बाजार में 190 से 200 रुपये किलो तक है
सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास मलहोत्रा कहते हैं कि सोया, रिफाइंड और पाउडर आदि के मिश्रण से जो पनीर बनाया जाता है वह बच्चों ही नहीं बल्कि बड़ों की सेहत के लिए भी बहुत हानिकारक है। इससे पाचन संबंधी जटिल समस्या हो सकती हैं। इस तरह के पनीर के लगातार सेवन से शरीर में बैड फैट, धमनी और तंत्रिका तंत्र में समस्या हो सकती है।
पनीर, दूध और खोआ के जो भी नमूने फेल मिले हैं, संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इन पर वाद विचाराधीन है। सुनवाई हो रही है। पिछले दिनों चंडौस सहित अन्य जगहों से नमूने भरे हैं। इनको जांच के लिए भेज दिया गया है। - दीनानाथ यादव, मंडलीय सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा।