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Aligarh News: गुजरात से क्रूड ऑयल मंगाकर बना रहे थे मिलावटी पेट्रोल-डीजल, प्रदेश भर में सप्लाई

Sun, 16 Nov 2025 04:59 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

एसटीएफ टीम मडराक क्षेत्र में आगरा रोड स्थित पराग पेंट्स एंड केमिकल फैक्टरी पर पहुंची। जहां करीब तीन घंटे तक जांच पड़ताल करते हुए आपूर्ति विभाग की टीम बुलाकर नमूने भरवाए। फिर फैक्टरी पर ताले डलवाकर नमूनों व फैक्टरी संचालक आगरा रोड सासनी गेट के कन्हैयालाल वार्ष्णेय व प्रबंधक सहसवान जरीफ नगर बदायूं के सर्वेश को गिरफ्तार करके साथ ले गई।
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मडराक में एसटीएफ द्वारा बंद कराई गई फैक्टरी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ के मडराक की पराग पेंट्स एंड केमिकल फैक्टरी में पिछले दो दशक से मिलावटी व बायो पेट्रोल-डीजल बनाकर प्रदेश भर में बेचा जा रहा था। इसके लिए गुजरात से क्रूड ऑयल मंगाया जाता था। सियासी कद्दावरों के संरक्षण में फल-फूल रहा यह कारोबार पेट्रो केमिकल-एक्सप्लोसिव-रिफाइनरी लाइसेंस की आड़ में संचालित हो रहा था। फिरोजाबाद में एसटीएफ ने इस प्रदेश स्तरीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें इस नेटवर्क का सरगना मडराक स्थित फैक्टरी का संचालक कन्हैयालाल वार्ष्णेय व प्रबंधक सर्वेश भी शामिल है।

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प्रदेश स्तर पर उत्तर प्रदेश पेट्रोलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन की ओर से यह शिकायत शासन में की गई थी कि प्रदेश में मिलावटी व बायो पेट्रोल-डीजल बेचा जा रहा है। जिससे इस कारोबार को नुकसान पहुंच रहा है। साथ में मिलावटी पेट्रोल डीजल प्रयोग करने वाले वाहनों को भी नुकसान हो रहा है। इस शिकायत की जांच करते हुए एसटीएफ ने शुक्रवार को फिरोजाबाद के एका में एक पेट्रोल पंप पर मिलावटी तेल सहित टैंकर पकड़ा था। वहां पकड़े गए लोगों ने मिलावटी माल अलीगढ़ से मिलने की जानकारी दी।

इसी आधार पर 14 नवंबर शाम एसटीएफ टीम मडराक क्षेत्र में आगरा रोड स्थित पराग पेंट्स एंड केमिकल फैक्टरी पर पहुंची। जहां करीब तीन घंटे तक जांच पड़ताल करते हुए आपूर्ति विभाग की टीम बुलाकर नमूने भरवाए। फिर फैक्टरी पर ताले डलवाकर नमूनों व फैक्टरी संचालक आगरा रोड सासनी गेट के कन्हैयालाल वार्ष्णेय व प्रबंधक सहसवान जरीफ नगर बदायूं के सर्वेश को गिरफ्तार करके साथ ले गई। जहां शनिवार को दोनों को गिरोह के तीन अन्य सदस्यों के साथ मुकदमा दर्जकर कोर्ट में पेश किया गया।
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एक नजर में अवैध कारोबार

  • 65 रुपये प्रति लीटर में बनकर तैयार होता माल
  • 75 रुपये प्रति लीटर में दलालों को सप्लाई
  • 85 रुपये प्रति लीटर में दलाल देते पंपों को

इन जिलों में आपूर्ति्

अब तक की पूछताछ में अलीगढ़, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, एटा, कासगंज, मैनपुरी, इटावा, मेरठ, हापुड़, नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बुलंदशहर, बदायूं, बरेली, अमरोहा, संभल, मथुरा आदि जिलों में भेजे जाने की पुष्टि हुई है।

ये तोड़े नियम व नुकसान
  • फैक्टरी में केमिकल की आड़ में मिलावटी पेट्रोलियम पदार्थ बनाना।
  • अग्निशमन की बिना एनओसी के टैंकर से माल का परिवहन कराना।
  • आपूर्ति, निर्यात व जीएसटी शुल्क की चोरी बड़े स्तर पर की गई है।
  • जिन वाहनों में यह पेट्रोल-डीजल पड़ा, उनका इंजन जल्द खराब।
  • हाईस्पीड व लाइट डीजल पेट्रोल अधिनियम व वितरण अधिनियम तोड़ा।

ऐसे चल रहा कारोबार, उगले संचालक-प्रबंधक ने राज
एसटीएफ के अनुसार इस फैक्टरी के संचालक कन्हैयालाल वाष्र्णेय व प्रबंधक सर्वेश ने स्वीकारा है कि यह फैक्टरी कन्हैयालाल की पत्नी चित्रा व बेटे गौरव के नाम से है। उन्हीं के नाम से उसके पास पेट्रो केमिकल-एक्सप्लोसिव बिक्री व रिफाइनरी का लाइसेंस भी है। उसने स्वीकारा कि वह रुपये कमाने के लालच में आकर मिलावटी व बायो पेट्रोल डीजल बनाने लगा। उसके यहां कच्चा माल क्रूड ऑयल गुजरात सहित कुछ अन्य जगहों से मंगाया जाता है। जिनमें तय मानकों के अनुसार केमिकल मिलाकर पेट्रोल डीजल सहित अन्य पेट्रोलियम पदार्थ बनाया जाता है। दोनों ने पिछले कई वर्ष लगभग दो दशक से इस धंधे के संचालन की बात स्वीकारी है। साथ में विशेषकर पश्चिमी यूपी के जिलों के साथ-साथ पवन सहित कुछ अन्य भरोसेमंद मीडियेटरों के सहारे प्रदेश भर में माल भेजने की बात स्वीकारी है।
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टैंकरों को फर्जी केमिकल बिल देते थे

दोनों ने स्वीकारा कि जब उनके यहां से टैंकर माल लेकर जाता था, तब उसे वे फर्जी तरीके से केमिकल के बिल देते थे। ताकि रास्ते में कोई पकड़ धकड़ न हो सके। इसी आड़ में यह गोरखधंधा चल रहा था।

फैक्टरी में 96 हजार लीटर पेट्रोलियम पदार्थ मिला
शुक्रवार शाम जब एसटीएफ टीम यहां पहुंची, तब आपूर्ति विभाग से निरीक्षक कृष्णवीर सिंह, दिनेश पटेल व विपुल प्रताप सिंह को बुलाया गया था। उनके द्वारा एसटीएफ को फैक्टरी में अलग अलग माल के छह नमूने लेकर दिए गए। उस समय फैक्टरी में 13 टैंकों में पेट्रोलियम पदार्थ था। तीन-तीन चैंबरों वाले टैंकों में 96 हजार लीटर पेट्रोलियम पदार्थ होने का अनुमान है। इसके अलावा आठ छोटे ड्रमों में भी माल मिला है।
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