स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व सांसद स्व. नवाब सिंह चौहान के बुजुर्ग पुत्र योगेंद्र पाल सिंह चौहान की पुलिसकर्मियों द्वारा पिटाई के मामले की जांच एडीएम वित्त विधान जायसवाल करेंगे। जिलाधिकारी ने एडीएम वित्त को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए 15 दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
बरौली क्षेत्र के विधायक ठाकुर दलवीर सिंह मंगलवार को जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह से मुलाकात कर योगेंद्र पाल सिंह चौहान के साथ मारपीट मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि इसमें जो भी दोषी हों, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो। उसके बाद जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने एडीएम वित्त को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
दलवीर सिंह ने बताया कि स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व सांसद स्व. नवाब सिंह चौहान दो बार जिला पंचायत के अध्यक्ष भी रहे थे। उनके 72 वर्षीय पुत्र को जवां में उनके घर के सामने पुलिसकर्मियों ने पिटाई कर दी। वह पुलिसकर्मियों से अपने गेट के सामने खड़ी गाड़ी हटाने को कहा था। इसकी वजह से क्षेत्र की जनता में काफी आक्रोश है।
जवां प्रकरण में तीन सिपाही निलंबित
जवां में सोमवार शाम पूर्व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पूर्व सांसद नवाब सिंह चौहान के पुत्र योगेंद्र सिंह चौहान से कहासुनी, गालीगालौज और मारपीट करने वाले तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुनिराज ने जयकांत कुमार, कुलदीप नागर व कपिल कुमार गुर्जर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसी क्रम में थाना गोंडा में तैनात आरक्षी आनंद कुमार व जितेंद्र मलिक को जनता के साथ दुर्व्यवहार करने के