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एडी हेल्थ ने माना, ओपीडी के डॉक्टर लिख रहे बाहरी दवाएं

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मलखान सिंह जिला अस्पताल के दवा स्टोर का निरीक्षण करते एडी हेल्थ डॉ. वीके सिंह - फोटो : CITY OFFICE
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मलखान सिंह जिला अस्पताल में दवाओं का संकट और चिकित्सकों द्वारा बाहर की दवाएं लिखे जाने का एडी हेल्थ डॉ. वीके सिंह ने संज्ञान लिया है। सोमवार को उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टोर में 40 तरह की दवाओं की कमी पाई गई। उन्होंने दवाओं की उपलब्धता के लिए कॉरपोरेशन को पत्र भेजा है। वहीं, ओपीडी में मौजूद डॉक्टरों से कहा कि अगर बाहर की दवाएं लिखीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। एडी हेल्थ ने माना कि कुछ डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं।
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जिला अस्पताल मलखान सिंह में गर्मी के कारण उल्टी, दस्त, बुखार, फंगल संक्रमण आदि के मरीज बड़ी संख्या में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन की ओपीडी में दो हजार मरीज पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के वार्डों मरीजों से भरे हैं। बच्चा वार्ड में एक बेड पर दो से तीन मरीजों का इलाज हो रहा है। ऐसी स्थिति में जिला अस्पताल में दवाओं का संकट भी हो गया है। मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदकर लानी पड़ रही हैं। इस मुद्दे को अमर उजाला ने सोमवार के अंक में प्रकाशित किया था। इस पर एडी हेल्थ डॉ वीके सिंह ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान वह दवा स्टोर में पहुंचे, जहां पर उनको 40 तरह दवाओं की कमी मिली। इनमें बीस दवाओं का ज्यादा उपयोग होता है। बीस दवाएं गंभीर मर्ज की हैं। सभी दवाओं के लिए उन्होंने कॉरपोरेशन को मांग पत्र भेज दिया है।
वैकल्पिक तौर पर दवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए
एडी हेल्थ डॉ वीके सिंह ने अस्पताल की सीएमएस ईश्वरी देवी बत्रा को दवाओं का मांग पत्र देने के निर्देश दिए। सीएमएस ने सीएमओ कार्यालय को इस संबंध में 29 दवाओं की उपलब्धता के लिए डिमांड भेज दी है। इस दौरान एडी हेल्थ ने सीएमओ डॉ नीरज त्यागी को दवाओं की वैकल्पिक व्यवस्था कराने के भी निर्देश दिए, जिससे मरीजों को बाहर से दवाएं न खरीदनी पड़ें।
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दवा स्टोर की जांच सौंपी, दो दिन में मांगी रिपोर्ट
निरीक्षण के दौरान एडी हेल्थ ने अपनी टीम के डॉ. देवेंद्र को दवा स्टोर की जांच सौंपी है। उन्होंने कहा कि दो दिन में दवा स्टोर की पूरी जांच कर उन्हें रिपोर्ट सौंपी जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले किसी भी मरीज को बिना दवा दिए न लौटाया जाए।
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इन दवाओं की है कमी
मेटाडॉल, सिट्राजिन, सीपीएम, सीएमपी, उल्टी की दवा, टेमाडॉल, फंगल, एंटीबॉयोटिक सहित 40 तरह की दवाओं की कमी है।
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