गांजा के आरोप में पकड़े गए इगलास थाना अंतर्गत गांव सिकुर्रा के पुष्पेन्द्र की जेल में हुई मौत के बाद 21 फरवरी की रात शव के गांव आने पर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। ग्रामीणों ने जेल अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई न होने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करने का फैसला ले लिया। थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई, करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने परिजनों को वैधानिक रूप से आर्थिक सहायता दिलाए जाने के आश्वासन दिया। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया है।
गांव सिकुर्रा में 11 फरवरी की रात्रि में पुष्पेंद्र के घेर में दबिश देकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भारी मात्रा में गांजा बरामद किया था। पुलिस ने नशीले पदार्थ के साथ ही तस्करी में प्रयुक्त होने वाले एक ट्रैक्टर-ट्रॉली (गांजा लदा हुआ), एक कार, तीन बाइक, एक मोबाइल बरामद करने के साथ ही मौके से पुष्पेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। शनिवार को आरोपी पुष्पेन्द्र की जेल में मौत गई। मौत की सूचना के बाद से परिजनों के साथ ही गांव के लोग आक्रोशित थे।
जेल से शनिवार को देर रात्रि में लगभग 01:30 बजे शव गांव में लाया गया था। शव गांव में पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने परिजनों के साथ हंगामा करते हुए तय किया था जब तक जेल के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। कोतवाली प्रभारी नरेन्द्र यादव को जानकारी मिली तो वे गांव पहुंचे, ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद किया। लगभग दो घंटे तक ग्रामीणों तथा पुलिस के मध्य आरोप प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। जिला पंचायत सदस्य जयवीर सिंह, मुकेश प्रधान, गेंदालाल प्रधान कजरौठ, उदयवीर पहलवान मई आदि की मौजूदगी में कोतवाल द्वारा विधि सम्मत तरीके से मृतक के परिजनों की आर्थिक मदद कराने के आश्वासन पर अंतिम संस्कार किया गया।
गांजे का कलंक हटाने की मांग
परिजनों का कहना है कि गांजे के कारोबार से उनके बेटे का कोई संबंध नहीं है, इसकी निष्पक्ष जांच कर कलंक को हटाया जाए तथा जेल में हुई मौत की घटना के संबंध में जेल के संबंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ न्यायिक जांच कराकर कार्रवाई करने तथा गांजे के कारोबार में संलिप्त दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग रखी है। सोमवार को जेल में हुई मौत की घटना के संबंध में ग्रामीण जिलाधिकारी से मिलकर घटना में निष्पक्ष जांच कराकर जेल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।