अलीगढ़ के एफएम टॉवर के पास फायरिंग व एएमयू के सर जियाद्दीन हॉल में मैगजीन-कारतूस, नकली नोट और फर्जी दस्तावेज रखने के आरोपी एएमयू छात्र शहबाज व उसका साथी मो. आकिल अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस को शहबाज के दिल्ली भागने का इनपुट मिला है। अंदेशा है कि दिल्ली पहुंचकर वह जामिया में छिपा होगा। आकिल के बारे में अभी कोई सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है।
एफएम टॉवर पर झगड़ा व फायरिंग में सीसीटीवी से शहंशाहबाद के शहबाज उर्फ छोटू की पहचान हुई। एएमयू एमसीए द्वितीय वर्ष का छात्र शहबाज को तलाशते हुए पुलिस सर जियाउद्दीन हॉल के जफर अहमद सिद्दीकी हॉस्टल के कमरा नंबर जेड-34 में पहुंची तो वहां उसके अवैध रूप से रहने की जानकारी मिली। हालांकि कमरे में शहबाज नहीं मिला, लेकिन वहां तलाशी में मैगजीन-कारतूस, नकली नोटों के अलावा शहबाज के नाम से फर्जी दस्तावेज व बरेली के भोजपुरी धौर्रा टांडा के मो. आकिल के नाम के दस्तावेज मिले।
पुलिस ने इस बीच शहबाज के करीबी दोस्त उसकी भागने में मदद करने वाले आसिफ इदरीश को ऑडी कार सहित दबोच लिया। पूछताछ व अन्य मुखबिरों से जानकारी के आधार पर उजागर हुआ है कि शहबाज दिल्ली भागा है। अब उसके जामिया में छिपे होने का अंदेशा है। सीओ तृतीय सर्वम सिंह का कहना है कि टीमें दोनों की तलाश में लगी हैं।
पुराने व नए साथियों का ब्योरा जुटा रही पुलिस
शहबाज पर दर्ज पुराने अपराधों के आधार पर उसके पुराने व नए साथियों का भी पुलिस ब्योरा जुटा रही है। देखा जा रहा है कि कौन-कौन लोग उसके साथ पूर्व में अपराधों में शामिल रहे हैं। उन पर अन्य कितने अपराध हैं। उनकी वर्तमान स्थितियां क्या हैं। उन सभी से पूछताछ कर शहबाज तक पहुंचने का प्रयास हो रहा है।
हथियार-नोट तस्करी पर जानकारी करना जरूरी
पुलिस का प्रयास है कि जिस तरह शहबाज के कमरे में मैगजीन, कारतूस व नकली नोट मिले हैं, उससे साफ है कि वह हथियार, कारतूस, नकली नोटों की तस्करी वाले रैकेट से कहीं न कहीं जुड़ा है। इसलिए उन तक पहुंचना बेहद जरूरी है।