विकास भवन में 31 मार्च पर कार्य करते कर्मचारी
- फोटो : संवाद
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अलीगढ़ जिले के 106 सरकारी विभागों को 33.39 अरब रुपये दिए गए थे। 30 मार्च तक विभाग कुल 28.96 अरब रुपये ही खर्च सके। 4.43 अरब रुपये शेष रह गए। यह रकम अब लैप्स (शासन को वापस) हो जाएगी। खर्च करने में सबसे पीछे रहे विभागों की बात करें तो उनमें लोक निर्माण विभाग और स्वास्थ्य विभाग प्रमुख हैं। दोनों विभाग मिलकर 58 करोड़ रुपये खर्च नहीं कर सके। 31 मार्च को कोषागार में शाम 5 बजे तक विभागों से खर्च के बिल लिए गए। इसके बाद जिला कोषागार कार्यालय पूरे वर्ष के आय-व्यय का हिसाब-किताब व्यवस्थित करने में जुट गया।
सीएमओ कार्यालय को 90.15 करोड़ रुपये दिए गए थे, लेकिन कार्यालय 71.73 करोड़ ही खर्च सका। 18.42 करोड़ रुपये खर्च नहीं कर सका। मलखान सिंह जिला अस्पताल को 23.85 करोड़ रुपये दिए गए थे। अस्पताल 20.92 करोड़ रुपये ही खर्च कर सका, 2.92 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो सके। मोहन लाल गौतम महिला चिकित्सालय को 9.39 करोड़ रुपये दिए गए थे। अस्पताल 7.71 करोड़ खर्च सका। 1.68 करोड़ खर्च नहीं हुए।
जीएसटी दफ्तर को 300 करोड़ ज्यादा मिले
प्रदेश जीएसटी कार्यालय को पिछले वर्ष के मुकाबले 300 करोड़ रुपये ज्यादा का राजस्व मिला है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में अलीगढ़ जोन ने निर्धारित लक्ष्य 3232.89 करोड़ रुपये के सापेक्ष 2151.83 करोड़ रुपये वसूले हैं। पिछले वर्ष 1985.97 करोड़ रुपये का लक्ष्य था। जिसमें विभाग 1812.48 करोड़ रुपये वसूल कर पाया था। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 13.21 प्रतिशत अधिक वसूली हुई है।