रामघाट रोड पर रसिक मोड़ के निकट से दलदल भरे रास्ते गुजरते लोग। संवाद
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कस्बा के निकट रामघाट रोड स्थित रसिक मोड़ इन दिनों राहगीरों, विशेषकर स्कूली बच्चों के लिए खतरे वाले रास्ते के नाम से मशहूर होती जा रही है। आलम यह है कि सड़क पर बने गहरे गड्ढों में भरा गंदा पानी न केवल यातायात को बाधित कर रहा है, बल्कि पानी में छिपे बड़े-बड़े गड्ढे किसी भी बड़ी घटना का सबब बन सकते हैं। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
बृहस्पतिवार की सुबह तो हद हो गई जब दोपहिया सवार महिला और तालानगरी स्थित एक स्कूल को जा रहे टेंपो सवार छात्र-छात्राएं गंदे पानी में गिरकर चोटिल हो गए। इसके बाद संबंधित विभाग ने दोपहर को गिट्टियां डलवाकर पल्ला झाड़ लिया। जबकि गिट्टियों से निकलना और भी दूभर हो गया है। सड़क की बदहाली से बड़े वाहनों के पुर्जे टूटते रहते हैं।
- लोक निर्माण विभाग ने हादसों के बाद गड्ढों में गिट्टियां तो डलवा दीं, लेकिन उन्हें समतल करने या डामरीकरण करने की जहमत नहीं उठाई। अब गिट्टियां दोपहिया वाहनों के फिसलने का कारण बन रही हैं। साथ ही भारी वाहनों के गुजरने पर गिट्टियां छिटककर राहगीरों को लगने का भी डर बना हुआ है। - शुभम गोयल, व्यापारी
- रसिक मोड़ की दुर्दशा की सबसे बड़ी जड़ सड़क के दोनों ओर नालों का अभाव है। जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण साल के 12 महीने सड़क पर पानी भरा रहता है। इससे सड़क की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।- विनोद उर्फ नीटू वर्मा, व्यवसायी
- शहर के कई प्रमुख स्कूल इसी रास्ते पर स्थित हैं, जहां सैकड़ों बच्चे टेंपो, ई रिक्शा आदि अन्य वाहनों से गुजरते हैं। किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है। - सुनील शर्मा, अध्यक्ष प्रधान संगठन धनीपुर