अगस्त्य चौहान के पिता जितेंद्र चौहान ने तहरीर में दो लाइन और बढ़ायी, जिसमें कहा कि उनको आशंका है कि बेटे की बाइक या तो दोस्त की बाइक से अथवा किसी अन्य वाहन से टकराकर यह दुर्घटना हुई है। इस आधार पर पुलिस ने दुर्घटना की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अलीगढ़ में टप्पल के यमुना एक्सप्रेस वे पर देहरादून के यू-ट्यूबर बाइक राइडर अगस्त्य चौहान की मौत के मामले में सोमवार को परिजन टप्पल पहुंचे। इस दौरान वीडियो साक्ष्य व मौका देखने के बाद परिजन इस बात से तो सहमत हैं कि यह हत्या नहीं, बल्कि हादसा है। मगर उनका अंदेशा है कि यह दुर्घटना आमिर या किसी अन्य साथी की बाइक की टक्कर लगने से हुई। इस आधार पर दी गई तहरीर पर पुलिस ने दुर्घटना की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब जांच करते हुए साथी को पुलिस बुलाने पर विचार कर रही है।
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देहरादून के बाइक राइडर अगस्त्य चौहान की तीन मई की सुबह दुर्घटना में मौत हुई थी। मगर शव लेने आए परिजन इसे हत्या करार देते हुए चले गए थे। इसके बाद दो दिन पहले परिवार की ओर से तहरीर पुलिस को ऑनलाइन भेजी गई। मगर पुलिस ने मौके पर जांच के बाद कैमरा तलाश लिया था, जिसमें मिले मैमोरी कार्ड के वीडियो से दुर्घटना साफ हो गई थी।
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पाया गया कि अगस्त्य अपने साथियों संग जेवर टोल तक आया। इसके बाद तीन साथी वापस लौट गए, जबकि अगस्त्य व आमिर माजिद आगरा की ओर बढ़े। इसी बीच रास्ते से यू-टर्न लिया, तभी दुर्घटना में उसकी मौत हो गई। उस वक्त उसकी बाइक की रफ्तार स्पीड मीटर में 294 किमी प्रति घंटा थी। सोमवार दोपहर अगस्त्य के पिता थाने पहुंचे।
उन्होंने थानाध्यक्ष से दुर्घटना को लेकर विस्तार से बातचीत की। साथ में पांच मिनट की वीडियो देखी। उसके बाद दुर्घटनास्थल पहुंचे। बाद में वापस थाने आकर पहले दी तहरीर में दो लाइन और बढ़ायी, जिसमें कहा कि उनको आशंका है कि बेटे की बाइक या तो दोस्त की बाइक से अथवा किसी अन्य वाहन से टकराकर यह दुर्घटना हुई है। इस आधार पर पुलिस ने दुर्घटना की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसपी देहात पलाश बंसल के अनुसार अब मामले में जांच शुरू कर दी गई है। जरूरत हुई तो साथी आमिर माजिद को बुलाया जाएगा।