जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद), आम आदमी पार्टी (एएपी) व प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) निर्णायक भूमिका निभा सकती है। पंचायत चुनाव में पहली बार एएपी व प्रसपा ने समर्थित प्रत्याशी उतारे हैं। रालोद ने 25, एएपी ने 14 व प्रसपा ने 10 समर्थित प्रत्याशी उतारकर चुनाव को रोचक बना दिया है।
जिला पंचायत सदस्य की कुल 47 सीटें हैं। इसलिए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में इन पार्टियों की निर्णायक भूमिका हो सकती है। प्रसपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. रक्षपाल सिंह ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी को समर्थन देने को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा को छोड़कर किसी भी पार्टी के समर्थित प्रत्याशी को समर्थन दे सकते हैं। रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह ने कहा कि रालोद किसी भी पार्टी के समर्थित प्रत्याशी को समर्थन नहीं करेगा, बल्कि स्वयं अध्यक्ष पद पर दावेदारी करेगा। एएपी के जिलाध्यक्ष परवेज अली खान ने कहा कि नतीजे आने के बाद समर्थन देने पर पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में फैसला लिया जाएगा।