पिछले दिनों संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मरी महिला बीडीसी की मौत के मामले में उसके देवर, देवरानी तथा भतीजा समेत गांव के कई अन्य लोगों को भी नामजद किया गया था। इसमें गांव की ही एक महिला ने प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर स्थानीय पुलिस पर आरोप लगाते हुए जांच सीबीसीआईडी से कराने की मांग की है। साथ ही न्याय न मिलने पर प्रधानमंत्री आवास के सामने पुत्रवधू समेत आत्मदाह की चेतावनी भी दी है।
थाना क्षेत्र के गुरुसिकरन गांव में 12 जून की दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में जली महिला बीडीसी भूरी देवी की एक माह बाद मौत हो गई थी, जिसमें 13 जून को मृतका के बेटे श्याम की ओर से पैतृक संपत्ति के विवाद में अपने चाचा जगवीर, चाची सोनू, 8 वर्षीय चचेरे भाई हीमेश के अलावा गांव के ही देवकी सिंह व उनके बेटे राहुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
इस मामले में देवकी सिंह की पत्नी धर्मवती देवी ने प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री को ईमेल तथा डाक द्वारा पत्र लिखकर पति देवकी सिंह व बेटे राहुल को बेकसूर बताते हुए दोनों को रंजिशन फंसाने की बात कही है। महिला का कहना है कि घटना के समय पहुंचे पीआरवी पुलिसकर्मीयों ने एक वीडियो भी बनाया था, जिसमें झुलसी महिला के आसपास गांव की दर्जनों महिलाऐं खड़ी हैं। जोकि पुलिस कर्मियों के पूछने पर बीडीसी द्वारा स्वयं को आग लगाने की गवाही दे रही हैं। साथ ही इस मामले में ग्राम प्रधान समेत काफी लोग उसके पति व बेटे के न होने का शपथ पत्र दे चुके हैं, लेकिन थाना पुलिस उसके पति व बेटे का नाम निकालने के एवज में तीन लाख रुपये की मांग कर रही है।
महिला ने मांग की है कि इस मामले की जांच या तो दूसरी रेंज के डीआईजी से कराई जाये अथवा सीबीसीआईडी से कराई जाए, जिससे निष्पक्षता पूर्ण जांच हो सके। वहीं न्याय न मिलने पर महिला ने 26 अगस्त को नई दिल्ली रेसकोर्स स्थित प्रधानमंत्री आवास पर पुत्रवधू समेत आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी है।
वहीं गुरुवार दोपहर शिकायतकर्ता धर्मवती देवी एसएसपी कार्यालय भी पहुंची जहां एसएसपी ने उनकी बात सुनते हुए शुक्रवार को दोबारा से बुलाया था तथा विवेचक को भी हाजिर रहने के निर्देश दिए, लेकिन शुक्रवार को महिला की मुलाकात एसएसपी से नहीं हो सकी। एसपी क्राइम ने इस मामले में महिला से घटना की जानकारी ली।