शासन के निर्देश पर जिले के गांवों को मॉडल बनाने के लिए कवायद शुरू हो गई है। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक मॉडल गांव बनाए जाएंगे। यहां आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ युवाओं को गांव में ही स्वरोजगार उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जाएगा।
जिले में कुल 12 ब्लॉक और 867 ग्राम पंचायतें हैं। पहले चरण में प्रत्येक ब्लॉक से एक पंचायत को मॉडल गांव के तौर पर विकसित किया जाएगा। गांवों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चयनित गांव को डेढ़ साल में विकसित किया जाएगा। मॉडल गांव में सड़क, नाली के साथ ही पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए सोडियम व सोलर लाइटें लगाई जाएंगी। कूड़ा निस्तारण प्लांट स्थापित होंगे। पंचायत भवन को हाईटेक बनाया जाएगा। यहां हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध होगी और ऑनलाइन जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्रों के अलावा पेंशन व सरकारी योजनाओं का ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। स्कूल, कॉलेज व अस्पताल की सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। युवाओं को कौशल विकास मिशन समेत सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
जिले के 12 ब्लॉकों की 12 ग्राम पंचायतों को पहले चरण में मॉडल गांव के तौर पर विकसित किया जाएगा। दूसरे चरण में अन्य ग्राम पंचायतों का विकास होगा। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
- धनंजय जायसवाल, जिला पंचायत राज अधिकारी