बारिश से पहले शहर में नगर निगम ने कुछ सड़कों के गड्ढों को भरने का काम किया था उन स्थानों की स्थिति यह है कि गिट्टियां उखड़ने लगी हैं। जिससे गड्ढे दिखने लगे हैं। ये हालात रामघाट रोड के अलावा एडीए कॉलोनी से कावेरी वाटिका, रमेश बिहार, नगला तिकोना रोड, रावणटीला, नौरंगाबाद, भुजपुरा, जीवनगढ़, अनूपशहर रोड आदि इलाकों में है।
लोग बोले
सड़कों के गड्ढे आए दिन दुर्घटना का कारण बनते हैं। कई ऐसी सड़कें हैं, जहां गड्ढे भरे नहीं गए हैं, उन पर चलना मुश्किल हो रहा है। कई जगहों पर गड्ढे भरे तो गए हैं, मगर उनकी गिट्टियां उखड़ने लगी हैं।
- यतीश वार्ष्णेय, अचल रोड।
सरकार ने गड्ढा मुक्त सड़कों का दावा किया है, लेकिन शहर से लेकर देहात तक की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। शिकायतों के बावजूद अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
- विवेक वार्ष्णेय, रामलीला मैदान
नगला पटवारी इलाके को तो मानो उपेक्षित कर रखा है। यहां लंबे समय से सड़कें खराब हैं और आए दिन हादसे होते रहते हैं। कोई सुनने वाला नहीं है।
-कामरान, नगला पटवारी।
बाईपास पर वाहनों की आवाजाही काफी है। गड्ढे आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। अब महिला की मौत के बाद भी अगर प्रशासन नहीं चेता तो लोग आंदोलन को बाध्य होंगे।
-शब्बीर, नगला पटवारी।
अगर शिकायत का निस्तारण गलत पाया जाएगा तो संबंधित पर कार्रवाई होगी। वहीं सड़कों के गड्ढों को भरने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। मौसम साफ होने के बाद हाईवे, जीटी रोड के गड्ढों को भरने के साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। शहर की सड़कों का सुधार कराने की जिम्मेदारी नगर निगम की है।- सौरभ बैराठी, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग।