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Aligarh News: चंद कदमों पर पुलिस चौकी-सामने पुलिस बूथ..पर हमलावर थे बेखौफ

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पनैठी चौराहे पर बृहस्पतिवार दोपहर जो कुछ हुआ, उसे पुलिस व आरटीओ सिस्टम की बड़ी लापरवाही न माना जाए तो
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और क्या? चौराहे पर पुल के नीचे जिस जगह बस यूनियन कर्मचारी की हत्या हुई, उस स्थान के ठीक सामने पुलिस बूथ था। चौकी भी चंद कदमों की दूरी पर थी। राहगीरों व दुकानदारों की भीड़ के बीच अराजक हुए हमलावरों के हौसले इस कदर बुलंद थे कि वे कर्मचारी को तब तक पीटते रहे, जब तक वह गिर न गया। इन्हीं तमाम बातों को लेकर भीड़ ने चौकी पर यह आरोप लगाकर हंगामा किया कि पुलिस के संरक्षण में डग्गेमारी हो रही थी। उसी संरक्षण के बल पर इस घटना को अंजाम दिया है।

कर्मचारी की हत्या से बस संचालकों में रोष

प्राइवेट बस यूनियन के अध्यक्ष ठाकुर गिर्राज सिंह का कहना है कि अलीगढ़, छर्रा व कासगंज रोड पर डग्गेमार वाहनों का इतना आतंक है कि यह बिना परमिट नियम विरुद्ध वाहनों की छतों पर सवारियां भरकर डग्गेमारी करते हैं। जिसकी शिकायत यूनियन के द्वारा संबंधित थानों के साथ जिला मुख्यालय से लेकर लखनऊ तक की जा चुकी है। पर डग्गेमार वाहनों के खिलाफ पुलिस एवं परिवहन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। जिससे डग्गेमार वाहन चालकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि आज उन्होंने हमारे एक कर्मचारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी है।
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भीड़ ने पुलिस चौकी में रख दिया था शव
अकराबाद। बृहस्पतिवार की शाम समय करीब छह बजे पोस्टमार्टम के बाद मृतक के परिजन श्रीपाल सिंह के शव को लेकर पनैठी चौकी पहुंचे। जहां भारी भीड़ के साथ परिजनों ने हंगामा करते हुए मृतक के शव को चौकी में ले जाकर रख दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस अधिकारियों ने कुछ संभ्रांत लोगों की मदद लेकर हंगामा कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया।

कई दशक बाद हत्या से न सुलग जाए आग

छर्रा-कासगंज रूट पर बस यूनियन की रंजिश जिले में किसी से छिपी नहीं है। इस यूनियन के अध्यक्ष पद को लेकर 80 के दशक में हुई रंजिश में ताबड़तोड़ कई हत्याएं हुई थीं। उस समय विवाद शहर के पुराने छर्रा अड्डे पर अपने वर्चस्व व अध्यक्ष पद को लेकर था। उस रंजिश में हत्याएं होने व पुलिस कार्रवाई के बाद मामला ठंडा हुआ। तब से यूनियन का विवाद शांत हुआ। इसके बाद छोटे मोटे झगड़े जरूर सामने आते रहे। मगर अब डग्गेमारी विवाद में यह हत्या बेहद सुर्खियों में है। इसे लेकर तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
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जिले के हर रूट पर डग्गेमारी, होते रहते झगड़े
छर्रा कासगंज रूट पर बृहस्पतिवार को जो कुछ हुआ। वह अप्रत्याशित नहीं। जिले का छर्रा-कासगंज रूट प्राइवेट यूनियन के मामले में सबसे पुराना रूट माना जाता है। कुछ वर्ष पहले तक इस पर डग्गेमारी नहीं होती थी। मगर समय के साथ यूनियन कमजोर हो चली। डग्गेमारों का बोलबाला हो गया। जो आए दिन झगड़े का कारण बनता है। इसी तरह जिले के रामघाट रोड, आगरा-मथुरा रोड, पलवल रोड, गभाना रूट, अनूपशहर रूट सहित कोई मार्ग डग्गेमारों से अछूता नहीं है। जहां आए दिन प्राइवेट बस ऑपरेटरों का इन डग्गेमार वाहनों से झगड़ा होता दिखाई दे जाता है। मगर डग्गेमारी चूंकि सिस्टम के संरक्षण का हिस्सा है। इसलिए बातें जहां की तहां दबी रह जाती हैं।

सीओ गर्वित सिंह के अनुसार सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। अगर कहीं पुलिस की लापरवाही सामने आती है तो उन पर कार्रवाई होगी।
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