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AMU: स्विट्जरलैंड की कंपनी पर बने मेल से दी गई धमकी, पुलिस कर रही यूपीआई नंबर की जांच

Sat, 11 Jan 2025 11:47 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

एएमयू कुलपति, रजिस्ट्रार, पीआरओ और प्रॉक्टर समेत अन्य अधिकारियों को 8 जनवरी रात 1.18 बजे यह मेल तिवारी श्रीजयंत नाम की प्रोटोन मेल आईडी से मिली थी। इस ईमेल में दो लाख रुपये न देने पर बम से उड़ाने का जिक्र है। अंत में यूपीआई मोबाइल नंबर 6387866385 लिखा हुआ था।
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एएमयू - फोटो : संवाद
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विस्तार
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एएमयू की बम से उड़ाने की धमकी जिस मेल आईडी से दी गई, उसे स्विट्जरलैंड की इंटरनेट एप्लीकेशन प्रदाता कंपनी प्रोटोनमेल पर बनाया गया है। धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन सतर्क हो गया है। विवि में सतर्कता 10 जनवरी को दिनभर सतर्कता बरती गई। जुमे की नमाज में भी एएमयू की हिफाजत की दुआ की गई।

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8 जनवरी को रात 1:18 बजे अलीगढ़ मुस्लिम यूनवर्सिटी के कुलपति सहित 28 प्रशासनिक अधिकारियों को तिवारीश्रीजयंत के नाम से बनाई गई आईडी से धमकी भरा ईमेल भेजा गया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस मेल आईडी को स्विट्जरलैंड की इंटरनेट एप्लीकेशन प्रदाता कंपनी प्रोटोनमेल पर बनाया गया है। यह अपने ग्राहकों के डेटा के लिए अधिकतम भौतिक सुरक्षा प्रदान करती है। इसके अलावा, स्विटजरलैंड में गोपनीयता कानून भी सख्त है। यह अमेरिका और यूरोपीय संघ के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। ऐसे में मेल भेजने वाले की पहचान करना जांच एजेंसियों के लिए आसान नहीं है।

10 जनवरी को यूनिवर्सिटी परिसर से लेकर विभागों में ईमेल को लेकर खूब चर्चा रही है। यूनिवर्सिटी के सुरक्षाकर्मियों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई थी। बाबे सैयद से गुजरकर जेएन मेडिकल कॉलेज या जमालपुर के रास्ते की तरफ जाने वाले अनजान व्यक्तियों से पूछताछ भी की गई। बृहस्पतिवार को धमकी भरे ईमेल के बारे में इंतजामिया ने सिविल लाइंस पुलिस को जानकारी दे दी। सिविल लाइंस पुलिस, क्राइम विंग, एसओजी, एटीएस, डाॅग स्क्वाड, सर्विलांस समेत तमाम अन्य जांच एजेंसियों ने जांच की। 
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मगर, पुलिस को कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु जांच में नहीं मिल सकी। ईमेल में दो लाख रुपये की मांग की गई थी। रुपये न मिलने पर एएमयू को बम से उड़ाने की बात कही गई है। यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने बताया कि पुलिस को ईमेल के बारे में जानकारी दी जा चुकी है। पुलिस ने अपनी जांच भी शुरू कर दी है। अगर पुलिस जांच में सहयोग मांगती है, तो जांच में पूरी मदद की जाएगी।

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कुछ करने से पहले सोचिए...ईमेल भेजने वाले ने लिखा

धमकी भरे ईमेल में कहा गयाहै कि “मैंने कुछ छात्रों से बातचीत की और कैंपस में विस्फोटक लगा दिया है। अगर मुझे दो लाख रुपये मेरे यूपीआई नंबर पर दो दिन में नहीं मिले तो विस्फोटक में विस्फोट कर दिया जाएगा। इसलिए कुछ करने से पहले ध्यान से सोचिए”।

2019 में पीआरओ को जान से मारने की मिल चुकी है धमकी
एएमयू के पीआरओ उमर पीरजादा को वर्ष 2019 में जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। यह धमकी उन्हें अंतरदेशीय पत्र के जरिये दी गई थी, हालांकि उस पर धमकी देने वाले का नाम नहीं था। इसके बाद यह जानकारी उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों को देने के साथ सिविल लाइंस थाना पुलिस को भी दी थी। उनके नाम सहित यूनिवर्सिटी के कई लोगों के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाई जा चुकी है।

पुलिस कर रही ई-मेल में दिए गए यूपीआई नंबर की जांच
एएमयू को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में पुलिस गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है। पुलिस इस बात की तस्दीक कर रही कि आखिर धमकी भरा मेल आया कहां से है? हालांकि अभी इसकी जानकारी नहीं हो सकी है।

सीओ तृतीय अभय पांडेय के अनुसार एएमयू कुलपति, रजिस्ट्रार, पीआरओ और प्रॉक्टर समेत अन्य अधिकारियों को 8 जनवरी रात 1.18 बजे यह मेल तिवारी श्रीजयंत नाम की प्रोटोन मेल आईडी से मिली थी। इस ईमेल में दो लाख रुपये न देने पर बम से उड़ाने का जिक्र है। अंत में यूपीआई मोबाइल नंबर 6387866385 लिखा हुआ था। उन्होंने बताया कि इस मामले में 9 जनवरी को एएमयू की ओर से मिली शिकायत के बाद पुलिस स्तर से कैंपस में बीडीएस व डॉग स्क्वायड की मदद से सघन चेकिंग की गई। सीओ के अनुसार अब तक की जांच में पाया गया है कि जो नंबर लिखा हुआ है। वह हरदोई के किसी व्यक्ति के नाम से है। मगर, उसकी लोकेशन देवरिया जनपद के आसपास मिली है।

मेल जिस सिस्टम से किया गया है। अभी उसकी लोकेशन की पुष्टि नहीं हो पा रही है। जिस सिस्टम से मेल भेजा गया है उसकी आईपी निकलवाई जा रही है। अब तक की जांच में मेल आईडी फर्जी पाई गई है। इस मामले में मोबाइल कंपनियों से इसकी विस्तृत डिटेल मांगी गई है। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले में जांच अभी जारी है। एएमयू कैंपस में भी पूरी सतर्कता बरतने के साथ ही पुलिस संदिग्धों की जांच कर रही है।
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