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पुस्तकें बांट कर ‘लव जेहाद’ से कर रहे सावधान

Tue, 16 Sep 2014 05:30 AM IST
Aligarh
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अलीगढ़। हिंदू वादी संगठन युवतियों को ‘लव जेहाद’ से सावधान कर रहे हैं। इसके लिए प्रचार टोली के सदस्य घर से लेकर मंदिरों तक में संपर्क कर रहे हैं। यही नहीं महिला- पुरुषों के बीच ‘लव जेहाद, धर्म संकट का स्वरूप एवं उपाय’ नामक पुस्तक बांट रहे हैं। उन्हें सुझाव दे रहे है कि इस पुस्तक को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाए ताकि कोई युवती किसी धोखेबाज के चंगुल में फंसने से बच जाए। प्रचार टोली की नजर महानगर के गर्ल्स स्कूल एवं कालेज पर भी है।
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लव जेहाद को लेकर माहौल गरम है और पक्ष-विपक्ष में तरह-तरह के बयान आ रहे हैं। कोई वोट बैंक की राजनीति, तो कोई इसे गंभीर संकट के रूप में देख रहा है। सोमवार को आरएसएस के महानगर प्रचार प्रमुख भूपेंद्र कुमार प्रचार टोली के साथ नौरंगाबाद स्थित देवी मंदिर में भक्तों के बीच पुस्तक वितरण कर ‘लव जेहाद’ से सतर्क कर रहे थे। भूपेंद्र का कहना है कि उनका मकसद माताओं-बहनों को सावधान करना है। बहुत सारी घटनाएं सामने आ रही हैं। उनका अभियान किसी धर्म के विरुद्ध नहीं है, बहनों को गलत लोगों के चंगुल में फंसने से बचाना है। धर्म जागरण के सत्य प्रकाश नवमान का कहना है कि समस्या बहुत गंभीर है, इसलिए इसका उपचार भी बड़ा होना चाहिए। वे अधिक से अधिक संख्या में पुस्तकें छपवाकर लोगों के बीच वितरित कराना चाहते है ताकि कोई मासूम गलत लोगों के हाथों में जाने से बच जाए।
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‘लव जेहाद, धर्म संकट का स्वरूप एवं उपाय’
इस पुस्तक के लेखक रमेश हनुमंत शिंदे एवं मोहन अज्जू गौड़ा है। मुख्य पृष्ठ पर नीचे मशाल एवं भगवा झंडे के साथ हिंदू जागृति समिति अंकित है। यह मराठी में लिखे गए पुस्तक का हिंदी अनुवाद है। इसका प्रकाशन महाराष्ट्र के रायगढ़ से हुआ है। भूमिका में कहा गया है कि लव जेहाद हिंदू धर्म एवं राष्ट्र के विरुद्ध एक अघोषित युद्ध की तरह है। इसके पीछे शत्रु राष्ट्र पाकिस्तान का बहुत बड़ा हाथ है। लव जेहाद के रूप में यह प्रच्छन्न युद्ध प्रत्यक्ष आतंकवादी आक्रमण से भी भयानक है।
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अनुक्रमणिका के कुछ महत्वपूर्ण चैप्टर
- लव जेहाद का लक्ष्य
- लव जेहाद के पीछे की प्रेरणा और चाल
- हिंदु युवतियों को प्रेमपाश में बांधने की योजनाबद्ध कार्य पद्धति
- लव जेहाद की बलि चढ़ी हिंदू स्त्रियों की दुर्दशा
- लव जेहाद की बलि चढ़ी युवतियों की दुर्र्भाग्यपूर्ण कथाएं
- हिंदू युवतियों को ध्यान में रखने योग्य सावधानियां
- हिंदू समाज को आह्वान
- लव जेहाद को रोकने के उपाए
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मदरसों में आतंकवादी नहीं इंसान बनते है
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सुन्नी थियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय सीरत कमेटी के कन्वेनर डॉ. मुफ्ती जाहिद ए खान ने भाजपा सांसद साक्षी महाराज के बयान पर पलटवार किया है। मदरसों में आतंकवाद की शिक्षा दिए जाने के साक्षी महाराज के बयान पर उन्होंने कहा कि मदरसों में आतंकवाद नहीं इंसानियत का पाठ पढ़ाया जाता है। साक्षी महाराज को इस बात की जानकारी नहीं है कि मदरसों से पढ़े छात्र हिंदुस्तान की आजादी की लड़ाई में अपना खून बहा चुके है। 15 अगस्त और 26 जनवरी को मदरसों में झंडे नहीं फहराए जाने के आरोप को भी मुफ्ती जाहिद ने बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि यह गांधी का भारत है साक्षी महाराज का नहीं। ये लोग गांधी के हत्यारे की अस्थियां पूजते हैं। इनका मकसद हिंदुस्तान की आपसी भाईचारा एवं मोहब्बत खत्म करना है। मुफ्ती जाहिद ने कहा कि 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय वे स्वयं मदरसा में पढ़ते थे और भारत की जीत के लिए दुआ की थी। आरएसएस जैसे संगठनों को सीआईए जैसे संगठनों से पैसे आते हैं। ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एक हाथ में लैपटॉप दूसरे में कुरान का नारा भूल चुके हैं।
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