अलीगढ़। पड़ोसी जिलों में लव जेहाद, सांप्रदायिक उन्माद एवं अन्य विवादों के चलते कानून व्यवस्था के खतरे में पड़ने के दृष्टिगत प्रशासन सतर्क हो उठा है। प्रशासनिक अफसरों ने विभिन्न क्षेत्रों में इस तरह के विवादों से निपटने के लिए काउंसिलिंग का सहारा लिया है। इस मामले में गुरुवार को हरदुआगंज थाने में संभ्रांत नागरिकों से मदद मांगी गई है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम जनपद लव जेहाद, सांप्रदायिक उन्माद समेत अन्य विवादों की चपेट में आ चुके हैं। इस मामले में अति संवेदनशील जनपदों में शुमार अलीगढ़ जनपद में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रशासनिक स्तर से प्रयास आरंभ हो गए हैं। प्रशासनिक अफसर विभिन्न तहसील क्षेत्रों में बैठक कर ऐसे मामलों की टोह ले रहे हैं तो काउंसिलिंग के सहारे क्षेत्रीय नागरिकों से सहयोग की अपील कर रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को हरदुआगंज थाने में संभ्रांत नागरिकों की बैठक बुलाई गई। इस मौके पर एडीएम प्रशासन संजय चौहान ने अपील की कि यदि आपके क्षेत्र में मंदिर मस्जिद, अंतरजातीय विवाद, भूमि विवाद, शमशान भूमि पर कब्जे या लव जेहाद जैसी कोई भी गतिविधि घटित हो रही है और इससे कानून व्यवस्था खतरे में पड़ सकती है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को दी जाए। ताकि समय पर ऐसी घटनाओं से निपटा जा सके। इस मौके पर सभी संभ्रांत नागरिकाें के मोबाइल नंबर भी एकत्र किए गए। पुलिस को ताकीद दी गई कि वह अपने अपने क्षेत्र की प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखें और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल एक्शन लें। इस मौके पर एसपीआरए संसार सिंह, एसडीएम कोल पीएस राना, सीओ अतरौली भीम गौतम समेत सभी हल्का इंचार्ज एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।