अलीगढ़। जिला मुख्यालय की मोरचरी पर अगर लाशों से अवैध वसूली की ठेकेदारी के किस्सों से पर्दा उठाना शुरू करें तो अनगिनत किस्से सामने आ जाएंगे। ऐसा ही एक और प्रकरण ‘अमर उजाला’ में खबर प्रकाशित होने के बाद सामने आया है। मडराक की विवाहिता की दहेज के लिए हत्या के मामले में शव का जब पोस्टमार्टम हुआ तो उससे 4 हजार रुपये वसूले गए। साफ कहा गया था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऐसी करा दी जाएगी कि आपको सजा दिलाने में काफी लाभ मिलेगा।
यह वाकया पिछले साल 13 नवंबर को मडराक कस्बे में हुई विवाहिता सीमा की मौत से जुड़ा है। सीमा के हाथरस के गांव बबूल गांव निवासी भाई प्रेम कुमार बताते हैं कि उनकी बहन की ससुरालियों ने गला दबाकर हत्या कर दी थी। खुद मौके पर जब पुलिसकर्मी आए थे और शव का हाल देखकर उन्होंने यही माना था। जब वह शव लेकर पोस्टमार्टम केंद्र से चलने लगे तो उनके पीछे एक व्यक्ति लगा। उसने कहा कि अगर आपको पोस्टमार्टम रिपोर्ट सही करानी है तो चार हजार रुपये दे दो। उनके पिता बात मान गए और चार हजार रुपये दे दिए। इसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या हुआ, कुछ पता नहीं। मगर अब पुलिस आरोपियों की यह कहकर गिरफ्तारी नहीं कर रही कि यह मौत तो विद्युत करंट से हुई है। ऐसे में कैसे माना जाए कि आखिर कौन सही था और क्या पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किया गया और कौन व्यक्ति था जो चार हजार रुपये वसूल ले गया।