अलीगढ़। तकरीबन आठ हजार किसानों का 36 करोड़ रुपये दबाए बैठे गोपी लधुआ चीनी मिल के मालिकों की गिरफ्तारी के लिए एक पुलिस टीम मुंबई रवाना हो गई है। मुंबई जाने से पहले मालिकों के मथुरा स्थित ठिकानों पर दो दिन से टीम छापामारी कर रही थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। वहीं मिल के स्थानीय गन्ना निदेशक की गिरफ्तारी अधिकारियों की मिलीभगत से अब तक नहीं हो सकी है। जिसमें जिला गन्ना कार्यालय की संलिप्तता बताई जा रही है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने आनंद एग्रोकेम इंडिया लिमिटेड गोपी लधुआ के प्रबंधन और स्थानीय जिला प्रशासन को किसानों के बकाया भुगतान कराने के लिए मिल की नीलामी कराने के साथ मालिकों की गिरफ्तारी का आदेश दिया है। जिसके अनुपालन में अब जिला प्रशासन सख्त हो गया है।
परेशानहाल किसानों ने हाल ही में जिलाधिकारी से इंसाफ की गुहार लगाते हुए मिल के बाहर बेमियादी धरना प्रदर्शन की बात कही थी, लेकिन जिलाधिकारी द्वारा उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाने पर किसानों ने आंदोलन टाल दिया था। गौर हो कि गन्ना निदेशक के खिलाफ लाखों रुपये की चीनी बेच कर हजम कर जाने का आरोप भी है। निदेशक के खिलाफ आईपीसी की धारा 409 के तहत मामला भी दर्ज है। जिसमें अलीगढ़ परिक्षेत्र के डीआईजी, एसएसपी, सीओ सहित लखनऊ तक के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से जांच उपरांत कार्रवाई की संस्तुति की जा चुकी है। इसके बावजूद जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय ने इस मामले में अब तक कार्रवाई नहीं कराई है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने गिरफ्तारी होने तक इस संबंध में कुछ भी कहने से बचना ही उचित समझा है।