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रोडवेज की ईमेल सर्विस में घुसे पाकिस्तानी हैकर्स

Mon, 23 Jun 2014 05:30 AM IST
Aligarh
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अलीगढ़। देश के वीआईपी और वीवीआईपी की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। उनके दौरे की गुप्त जानकारी पाकिस्तानी हैकर्स के हाथ लग गई है। पाकिस्तानी हैकर्स ने यूपी रोडवेज की ईमेल सर्विस को निशाना बना लिया है। मेल सर्विस में दाखिल होते हुए उन्होंने एक मेल भेजा है। मेल के साथ उन्होंने राम के नाम से एक फाइल भी अटैच की है। इस मेल सर्विस से वीआईपी के दौरों की जानकारी का आदान-प्रदान भी होता है।
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मैसेज बोर्ड के नाम से यूपी रोडवेज विभागीय ईमेल सर्विस संचालित करता है। जिस पर विभाग का हर छोटा और बड़े से बड़ा अधिकारी ईमेल भेजता है। बसों के संचालन की जानकारी से लेकर रुपए की जानकारी का भी आदान-प्रदान इस मेल सर्विस से होता है। खतरे की बात यह है कि जब भी यूपी के किसी शहर में कोई वीआईपी और वीवीआईपी आता है तो उसके गुप्त दौरे की जानकारी का आदान-प्रदान भी इसी मैसेज बोर्ड से होता है।
शहर में वीआईपी के लिए कार की व्यवस्था रोडवेज विभाग ही करता है। वीआईपी के दौरे वाले दिन कौन से नंबर की कार, किस ड्राइवर के साथ ड्यूटी पर मौजूद रहेगी इस सूचना का आदान-प्रदान भी इसी मैसेज बोर्ड पर होता है। इसी मैसेज बोर्ड को दो दिन पहले शुक्रवार (जुमा) को पाकिस्तानी हैकर्स ने हैक कर लिया है।
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उस पर पाकिस्तानी हैकर्स सोसाइटी के नाम से मेल भेजा है। मेल के साथ नए मालूम हो रहे सॉप्टवेयर में एक फाइल भी अटैच की है। फाइल राम के नाम से बताई जा रही है। पाकिस्तानी हैकर्स के मैसेज बोर्ड में सेंध लगाने से विभाग में हड़कंप मच गया है।
कुछ दिन पहले ही पाकिस्तानी हैकर्स ने कौन बनेगा करोड़पति की वेबसाइट को भी हैक कर लिया था। जिसके बाद केबीसी के नाम से लोगों के पास फोन पहुंचना शुरु हो गए थे।

मंत्री से लेकर राष्ट्रपति की होती है जानकारी
सूबे के आम मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक के दौरे में रोडवेज की टैक्सियों का इस्तेमाल होता है। जिसके चलते वीआईपी और वीवीआईपी के दौरे की जानकारी मैसेज बोर्ड पर भेजी जाती है।

राम नाम पर क्लिक और घुस जाते पाकिस्तानी
आईटी के जानकारों की मानें तो हैकर्स ने राम नाम की जो फाइल मेल के साथ भेजी है वो एक प्रोग्रामिंग फाइल है। जिस पर दो बार क्लिक करते ही रोडवेज का सिस्टम हैकर्स के सिस्टम से लिंग अप हो जाएगा। उसके बाद रोडवेज की सारी जानकारी हैकर्स के सिस्टम में पहुँच जाएगी।

प्राइवेट कंपनी चलाती है मैसेज बोर्ड
सूत्रों की मानें तो रोडवेज के आईटी सिस्टम को संचालित करने की जिम्मेदारी ओमनी नेट नाम की एक प्राइवेट कंपनी करती है। इसका सर्वर लखनऊ में रोडवेज मुख्यालय में बताया जा रहा है।

बिन आईटी सिक्योरिटी हो गए हाईटैक
आज ज्यादातर सरकारी विभाग हाईटैक हो गए हैं। ज्यादातर काम आनलाइन कर रहे हैं। लेकिन आईटी सिक्योरिटी के मामले में जीरो हैं। यह घटना भी इसी का नतीजा है कि बडे़े आराम से पाकिस्तानी हैकर्स ने यूपी रोडवेज के मैसेज बोर्ड में सेंध लगा दी।
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