अलीगढ़। एएमयू के फिजिकल हेल्थ एजूकेशन डिपार्टमेंट द्वारा ‘फिजिकल एजूकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंस’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का उद्घाटन कैनेडी ऑडीटोरियम में हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ओलंपियन हॉकी खिलाड़ी पद्मश्री जफर इकबाल ने कहा भारत ने अभी तक खेल विज्ञान को नहीं अपनाया है, जबकि आस्ट्रेलिया ने खेल विज्ञान पर सबसे ज्यादा जोर दिया है। खेल का पाठ पढ़ने और खेलने में जमीन आसमान का अंतर होता है। शिक्षा संस्थाओं को खेल को प्रोत्साहन देना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सह-कुलपति सैयद अहमद अली ने घोषणा की कि अगर एएमयू के छात्र खेलों में बेहतर प्रदर्शन करते हैं और बाहर खेलने जाते हैं तो उन्हें कक्षाओं में उपस्थिति से भी छूट मिल सकती है। शानदार खिलाड़ी इस देश की संपदा हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवासीय हॉल में बास्केटबॉल और बॉलीबॉल के कोर्ट तैयार किए जाएंगे। कार्यक्रम में आस्ट्रेलिया की क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी के डॉ. एरिक ब्राइमर, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व प्रिंसिपल प्रो. एमएल कमलेश, ओलंपियन एमएम आरिफ, लिबरो स्पोर्ट्स इंडिया के महानिदेशक सुखविंदर सिंह, ब्रिटिश कौंसिल के मोना शिपले, किंग फहद विवि. के प्रो. एस इब्राहीम, विभाग के चेयरमैन प्रो. इकराम हुसैन, डॉ. जमीरउल्ला खान आदि मौजूद थे।
‘घरेलू मैदान का फायदा मिलता है’
एएमयू आए ओलंपियन हॉकी खिलाड़ी पद्मश्री जफर इकबाल ने कहा किसी भी टीम को अपने घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा मिलता है। एएमयू की हॉकी टीम जब बाहर खेलने जाती है तो बाहर के मैदान पर मेजबानों को फायदा मिलता ही है। लेकिन अब टर्फ पर हॉकी के आने से इस खेल में बदलाव आए हैं। एएमयू में 32 हजार छात्र हैं, लेकिन उतनी संख्या में खिलाड़ी पैदा नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद भी एएमयू के ही छात्र रहे हैं। उनका सपना है कि इस संस्था में बड़ी संख्या में अच्छे खिलाड़ी पैदा हों और अपनी संस्था का नाम रोशन करें।
पिंकी के मामले में जल्दबाजी से काम लिया: राजपाल
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के खेल निदेशक राजपाल सिंह एथलीट पिंकी प्रमाणिक के बचाव में उतरे। उन्होंने कहा मामले में बहुत ही जल्दबाजी से काम लिया गया है। न फेडरेशन ने, न स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने और न ही खेल मंत्रालय ने पिंकी प्रमाणिक के स्टेटस को लेकर एतराज जताया है। केवल एक गोपनीय रिपोर्ट, जो कि अभी जाहिर भी नहीं हुई है उसको लेकर पूरा शोरगुल किया गया है। इससे यह संदेश गया है कि खेल जगत में तो सब कुछ गड़बड़ ही होता है।
2020 ओलंपिक की तैयारी में जुटें: शाहिद हकीम
पूर्व ओलंपियन फुटबॉलर स्क्वेड्रन लीडर एस शाहिद हकीम ने कहा 2020 की तैयारी अभी से कर देनी चाहिए। विद्यालयों की सेमेस्टर व्यवस्था का भी खेल गतिविधियों पर बुरा प्रभाव पड़ा है। सभी पाठ्यक्रमों में 20 फीसदी अंक खेल के लिए निर्धारित किए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि लंदन ओलंपिक में जो पदक जीते हैं वह संभ्रांत खेलों में जीते हैं। जनप्रिय खेलों में हम अभी भी बहुत पीछे हैं।