न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
संविधान निर्माता डा.भीमराव आंबेडकर की 127वीं जयंती पूरे शहर में हर्षोल्लास से मनाई गई। कमिश्नरी, कलेक्ट्रेट, विकास भवन सहित कई सरकारी कार्यालयों में उनको श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। सुबह रन फार आंबेडकर में हजारों की संख्या में युवा एक साथ आए और जय भीम का जयघोष बुलंद हुआ। नीले रंग का गुलाल भी उड़ाया गया।
रन फार आंबेडकर की टीशर्ट पहने युवाओं ने सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक जयकार लगाई। इसी बीच घंटाघर में भाजपा के बैनर तले प्रधानमंत्री कौशल विकास मिशन योजना के तहत अलग-अलग रोजगार का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को सम्मानित किया गया।
यहां पर भाजपा के सांसद, विधायक, जिला और महानगर कमेटी के पदाधिकारी मौजूद रहे। बसपा की विचार गोष्ठी हुई तो सपा ने शाहजमाल और क्वार्सी स्थित पार्टी कार्यालय पर बाबा साहब को याद किया।
शाम को घंटाघर से निकली शोभायात्रा में कई झांकियों में आंबेडकर के विचार, उनका दर्शन और भारत की कई झांकियां प्रस्तुत की गईं। इस दौरान आंबेडकर प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन खासतौर पर सतर्क रहा। रन फार आंबेडकर और शोभायात्रा के लिए रूट डायवर्ट किया गया था।
पूरी कौम को डॉ. आंबेडकर पर गर्व है : जफर आलम
सपा के पूर्व नगर विधायक जफर आलम ने बाबा साहब आंबेडकर की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद समर्थकों और सपाइयों के साथ शाहजमाल में कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शाहजमाल में आंबेडकर की जयंती मनाने से आपसी भाईचारे का संदेश जाएगा। पूरी कौम को डॉ. आंबेडकर पर गर्व है। यहां पर महानगर कोषाध्यक्ष मो. आसिफ खां, वरिष्ठ नेता मुजाहिद किदवई, अजय गौतम, डॉ. कृपाल सिंह यादव, सीपी जाटव, पार्षद मुराद बच्चन, पूर्व महानगर अध्यक्ष चाहत खां, मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष राहत अली, जकाउल्लाह, हारून खां, नदीम अंसारी, आदिल अंसारी, साबिर, नवाब अब्बासी आदि मौजूद रहे।
कामरेडों ने दलित उत्पीड़न विरोध दिवस के रूप में मनाई आंबेडकर की जयंती
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने आंबेडकर जयंती ‘दलित उत्पीड़न विरोध दिवस’ के रूप पानदरीबा स्थित पार्टी कार्यालय में मनाई। सभा की अध्यक्षता करते हुए धनीराम माहौर ने संचालन कामरेड इकबाल मंद ने किया। धनीराम ने कहा कि दलितों के शोषण और उन पर अत्याचार का सदियाें लंबा सिलसिला है, जो आधुनिक होते समाज में अलग-अलग ढंग से आज भी कायम है। दलित समुदाय अब भी अकेला है और वोट के रूप में उसका दोहन ही किया गया है। डॉ, धर्मवीर सिंह ने कहा कि लंबे समय से देश के कई हिस्सों में दलिताें पर हुई हिंसा और बर्बरता की घटनाओं के बाद से दलितों में गुस्सा सुलग रहा है। गुजरात का ऊना कांड हो या हैदराबाद यूनिवर्सिटी में रोहित वेमुला की हत्या का मामला हो। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने दलितों के क्षोभ को और भड़का दिया। कामरेड इकबाल मंद ने कहा कि बीजेपी शासित गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा और झारखंड में दलितों पर अधिक अत्याचार की घटनाएं हुई हैं। गोष्ठी में हरीश चंद लोधी, इरफ ान अंसारी, एहतशाम बैग, राजेश सैनी, रवि वर्मा, राहुल अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
दलित कार्यकर्ता के घर सहभोज में पहुंचे सांसद सतीश गौतम
आंबेडकर जयंती के मौके पर सांसद सतीश कुमार गौतम और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री सुब्रत पाठक ने दलित बस्ती नौरंगाबाद छावनी में सत्यप्रकाश राना के घर दोपहर का भोजन किया। सत्यप्रकाश राना और उनके परिजनों ने सांसद के घर आगमन पर स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संदीप चाणक्य, सांसद प्रतिनिधि नत्थी सिंह, चंद्रमणि कौशिक, अंशुल गुप्ता, देवेंद्र सिंह जादौन एवं बार एसोसिएशन अलीगढ़ के अध्यक्ष एवं सचिव के साथ उप्र बार काउंसिल के सदस्य बृजेश सिंह भी उपस्थित रहे।
असली नकली में फर्क करते हुए भाजपा की ड्रामेबाजी को समझें : रामवीर उपाध्याय
बहुजन समाज पार्टी अलीगढ़ मंडल के तत्वावधान में भारतीय संविधान के निर्माता डा. आंबेडकर का 127वां जन्मोत्सव सम्राट लॉज में विचार गोष्ठी के रूप में मनाया गया। मुख्य अतिथि पूर्व कबीना मंत्री एवं सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय ने कहा कि बाबा साहब के अनुयायी असली नकली में फर्क करते हुए भाजपा की ड्रामेबाजी को समझें। भाजपा पिछड़ों और दलितों को बाबा साहब के नाम से बरगलाने का काम कर रही है। देश का संविधान सर्वश्रेष्ठ है। अनेकता में एकता हमारी सांस्कृतिक विशेषता है, वह संविधान में समाहित है। भाजपा उसे बदलना चाहती है। बसपा भाजपा के मंसूबे को कभी पूरा नहीं होने देगी, क्योंकि ये झूठों की ढाेंगी पार्टी है। बसपाई दलित, पिछड़ों, मुस्लिमों और सवर्ण समाज के लोगों को ससम्मान में बसपा में जोड़ने का काम करेंगे। बसपा जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव ने कहा कि बसपाई अपनी एकता कायम रखें और किसी बहकावे में न आएं। गोष्ठी को रणवीर कश्यप, मेयर मो. फुरकान, गजराज सिंह विमल, सत्यप्रकाश कर्दम, संघप्रिय गौतम, हाजी जमीरउल्लाह, अवधपाल यादव, अमर सिंह यादव, राज कुमार जाटव, अनिल सागर, डा. वीपी सिंह, ओपी आर्य, नरेंद्र प्रजापति, ठा. मगृेंद सिंह, मुशीर भाई, अभय कुमार बंटी आदि मौजूद रहे। संचालन कर रहे अतर सिंह भिलवाड़ा ने भाजपा छोड़ कर बसपा का झंडा पकड़ा।