न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रॉक्टोरियल टीम एवं छात्र नेताओं के बीच ताला तोड़ने एवं लगाने की होड़ लगी है। छात्र संघ के कैबिनेट सदस्य जैद शेरवानी के निलंबन से बौखलाए छात्रों ने लगातार दूसरे दिन कैंपस में प्रवेश के प्रमुख दरवाजे पर ताले लगाकर यातायात बाधित रखा। प्रॉक्टोरियल टीम द्वारा ताला तोड़कर यातायात सुचारु करने का प्रयास किया गया, लेकिन छात्र नेताओं ने दोबारा ताला ठोककर टीम को ही चुनौती दे दी।
जैद शेरवानी के निलंबन की भनक लगने के बाद से ही छात्र नेता आक्रोशित हैं। बाब-ए-सैयद, चुंगी गेट एवं डेंटल कॉलेज के समीप स्थित गेट बंद कर अपनी नाराजगी का अहसास रविवार को ही करा दिया था।
सोमवार को भी एएमयू में प्रवेश के तमाम प्रमुख दरवाजों पर ताले लटके रहे। अब प्रॉक्टर प्रमुख छात्र नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी में हैं।
बाब-ए-सैयद के पास धरने पर बैठे जैद शेरवानी ने कहा कि जब तक आरडीए अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्ला आजमी, डॉ. इफ्तिार, डॉ. सिद्धांत एवं उनके ऊपर आरोप लगाने वाली महिला डॉक्टर का निलंबन नहीं होता, वह यहां से नहीं हटेंगे।
एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी ने कहा कि इन दिनों विश्वविद्यालय से संबंधित फैसले जेएन मेडिकल कॉलेज के लोग कर रहे हैं। वीसी, पीवीसी सभी जेएन मेडिकल कॉलेज के हैं।
निकट भविष्य में कुछ अन्य लोग महत्वपूर्ण पदों पर बैठने वाले हैं। जैद का निलंबन 32 हजार छात्रों की हार है। प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान ने बताया कि टीम द्वारा ताले तोड़े जा रहे हैं। छात्र नेता दोबारा ताला लगा दे रहे हैं। अब उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।