इतिहासकार प्रो. लेलीवेल्ड व न्यायमूर्ति सिद्दीकी को सर सैयद एक्सीलेंस अवार्ड
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
इस वर्ष का सर सैयद एक्सीलेंस अवार्ड चर्चित पुस्तक ‘अलीगढ़ फर्स्ट जनरेशन : मुस्लिम सॉलिडेरिटी इन ब्रिटिश इंडिया’ के लेखक प्रो. डेविड लेलीवेल्ड एवं नेशनल कमीशन फॉर माइनोरिटी एजूकेशन इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन न्यायमूर्ति एमएसए सिद्दीकी को प्रदान किया जाएगा।
इसकी घोषणा मंगलवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा की गई हैै। दोनोें विद्वानों को 17 अक्तूबर को आयोजित सर सैयद द्विशतीय समारोह के दौरान सम्मानित किया जाएगा। अमेरिकी इतिहासकार प्रो. डेविड लेलीवेल्ड को अंतरराष्ट्रीय एवं न्यायमूर्ति एमएसए सिद्दीकी को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।
प्रो. लेलीवेल्ड ने औपनिवेशिक भारत से जुड़े विभिन्न विषयों पर बड़े स्तर पर शोध कार्य किया है। उन्होंने स्वराज भवन एंड सर सैयद अहमद खान, यंग मैन सर सैयद : ड्रीम्स एंड बायोग्राफिकल टेक्ट्स आदि पुस्तकों की रचना की है। जब कि न्यायमूर्ति सिद्दीकी निरंतर रूप से भारत के विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों के मध्य सहयोगात्मक, सामाजिक रिश्तों को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहे हैं।
नेशनल कमीशन फॉर माइनिरिटी एजूकेशनल इंस्टीट्यूशन के चेयरमैन के रूप में उन्होंने हमेशा भारत के संविधान में निहित वास्तविक धर्म निरपेक्षता के मूल्यों पर लोगों के विश्वास को बहाल करने के लिए आवाज उठाई है।
जस्टिस सिद्दीकी ने अपने कैरियर की शुरुआत मध्य प्रदेश की ग्वालियर बैंच में अधिवक्ता के रूप में की। जिसके बाद वह मध्य प्रदेश सरकार के विधि विभाग के विशेष सचिव भी रहे। 1992 में सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और 2004 में रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष के रूप में अपने कार्य भी अंजाम दे चुके हैं।