न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
खालसा पंथ की स्थापना करने वाले सिखों के दसवें गुरु श्रीगुरु गोविंद सिंह के 352वें प्रकाश उत्सव पर रविवार को श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसी के साथ रविवार सुबह देहलीगेट गुरुद्वारे से भव्य नगर कीर्तन निकला गया। जो शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ केंद्रीय गुरुद्वारा बैकुंठ नगर पहुंचा।
गौरतलब हो कि श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज के प्रकाश उत्सव के उपलक्ष्य में नगर कीर्तन निकाला जाता है। 352 वें प्रकाश उत्सव पर रविवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब महाराज की छत्र छाया व पांच प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन निकला।
यात्रा का शुभारंभ डीआईजी प्रीतिंदर सिंह ने किया। दिल्ली से आए संत मनजीत सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहे। देहलीगेट पर महापौर मोहम्मद फुरकान ने भी कीर्तन में प्रतिभागिता की। इसके बाद लगभग चार किलोमीटर लंबी यह कीर्तन यात्रा सुबह 11 बजे गुरुद्वारा देहली गेट से प्रारंभ होकर घुड़ियाबाग, बारहद्वारी, पत्थर बाजार, रेलवे रोड, पुराना बस अड्डा, दुबे पड़ाव चौराहा, मिनाक्षी पुल, सुदामापुरी होते हुए बैकुंठ नगर गुरुद्वारे पर पहुंची। यात्रा के दौरान जो बोले सो निहाल, सत श्री अकला का जयघोष होता रहा। पंज प्यारों का दर्शन विशेष श्रद्धा का केंद्र रहा। वहीं ग्रंथ साहिब के दर्शन के लिए भी लोगों की टकटकी लगी रही। यात्रा में ट्रैक्टर, ट्रक आदि वाहनों में कई श्रद्धालुओं ने गुरु का लंगर भी लगाया। जो पूरे दिन अटूट बरतता रहा।
यह झांकियां मुख्य रूप से रहीं मौजूद
नगर कीर्तन यात्रा में आगरा का रंजीत अखाड़ा, श्री गुरु गोविंद सिंह पब्लिक स्कूल की छात्राओं ढपली, बेलजीयम, गुरुनानक देव जूनियर हाईस्कूल, बाबा फतह सिंह गतका पार्टी, गुरु तेग बहादुर की झांकी, रंजीत सिंह गतका आगरा चार साहिबजादे, सिक्ख कत्लेआम की झांकी, पांचवें गुरु अर्जन देव की झांकी, लुधियाना का बेगपाइपर बैंड, घोड़े, ऊंट, पालकी, डोला, एलईडी के माध्यम से सिख समाज का इतिहास बताने वाली झांकी प्रमुख थीं। इसी के साथ शहर के अन्य सिख स्कूलों के बच्चे भी डांडिया व बैंड पर प्रस्तुति देते हुए साथ चल रहे थे।
करतब देख दर्शकों ने दांतों तले दबाई अंगुली
नगर कीर्तन के दौरान अमरोहा से आए बाबा वीर सिंह अखाड़ा व तरण तारण के निशान-ए-खालसा ने कई प्रकार के हैरतअंगेज करतब दिखाये। निशान-ए-खालसा कई टीवी चैनलों पर चले हैरतंगेज शो में हिस्सा लेकर विनर भी रह चुका है। वहीं जब करतब दिखाने वालों ने आम बच्चों को पकड़कर सड़क पर लेटाकर विभिन्न करतब दिखाए तो लोगों ने दांतों तले अंगुली दबा ली। इन करतबों में आंख बंद कर तलवार से मूली, गाजर आदि शरीर के विभिन्न स्थानों पर रखकर काटने वाली कला सबसे अनोखी थी।
सभी गुरुद्वारों के थे कीर्तनी जत्थे
गुरुद्वारा देहलीगेट, गुरुद्वार गोविंद नगर, गुरुद्वारा बैकुंठ नगर, गुरुद्वारा मसूदाबाद, गुरुद्वारा नई बस्ती, गुरुद्वारा गुरु रामदास नगर सूतमील, गुरुद्वारा तमोली पाड़ा, गुरुद्वारा समनापाड़ा, गुरुद्वारा डोरी नगर, गुरुद्वारा पंजाबी क्वार्टर आदि सभी गुरुद्वारों के कीर्तनी जत्थे कीर्तन करते हुए चल रहे थे।
यह लोग रहे मौजूद
नगर कीर्तन के दौरान कीर्तन कमेटी से सरदार अमरजीत सिंह खालसा प्रधान, विजय कुमार सांवरिया सेक्रेटरी, सरदार इंद्रजीत सिंह होरा खजानची, सरदार भूपेंद्र सिंह टुटेजा संरक्षक, सरदार गुरदीप सिंह जुनेजा संरक्षक, सरदार गुरदयाल सिंह जुनेजा सरपरस्त, सरदार मक्खन सिंह, सरदार सुशील चौधरी, सरदार अमृत सिंह, सरदार महेंद्र सिंह गुलाठी, सरदार प्यारा सिंह, इंद्रजीत सिंह टुटेजा, सरदार चतर सिंह, गुरुमीत सिंह मल्होत्रा, विजेंद्र सिंह सलूजा, सरदार हरपाल सिंह छाबड़ा, कमलजीत सिंह टुटेजा, तजेंद्र सिंह मल्होत्रा, इकबाल सिंहोरा, हरविंदर सिंह सेठी, सरदार सतवीर सिंह, सरदार बलजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
विभिन्न संगठनों ने किया स्वागत
नगर कीर्तन का विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक संस्था तथा अन्य व्यापारियों ने जगह-जगह स्टॉल लगाकर स्वागत सम्मान किया। गुरमत सत्संग सभा माता कौलां जी द्वारा जत्थेदार भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में नगर कीर्तन कमेटी व पांच प्यारों का सत्कार सम्मान किया गया। इस दौरान मनदीप सिंह, हरदीप सिंह जुनेजा, राजेश अरोरा, सिदक सिंह, गुरमीत सिंह, सरबजीत सिंह, गुरदीप सिंह, चरनजीत पप्पी आदि थे। राष्ट्रभक्त वीर-वीरांगना संस्था के सभी पदाधिकारियों ने मनमोहक झांकियों व करतब दिखा रहे समस्त बच्चों व बड़ों को खाद्य सामग्री, चॉकलेट, बिस्किट आदि चीजें बांटी। इस मौके पर अध्यक्षा स्नेहा शर्मा, एके मिश्रा, कृष्णा गुप्ता, अतुल पाराशर, शिवा ठाकुुर, अनुपम जैन, सचिन पाठक, आशू पंडित आदि थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शिवाजी शाखा द्वारा स्वागत समारोह के दौरान आलोक शिवाजी, मुकेश राजपूत, अंकुर शिवाजी, कृष्ण कुमार कन्हैया, अमित शिवाजी, अंकित शिवाजी, आदि थे। इसी के साथ अन्य स्थानों पर भी भव्य रूप से स्वागत किया गया।
साइड स्टोरी....
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दिल्ली दुश्मन बन गई सिंह सरदारा दीं..
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1984 सिक्ख कत्लेआम की झांकी ने लोगों को रुलाया
सिख समाज द्वारा निकाले गए नगर कीर्तन में दर्द भरी यह झांकी रही आकर्षण का केंद्र
अमर उजाला
अलीगढ़। शहर के दिल्ली गेट गुरुद्वारे से रविवार को शहर में निकाले गए नगर कीर्तन में 1984 दंगों की दर्द भरी झांकी सभी को झकझोर करती रही। इस दौरान चले दिल्ली दुश्मन बन गई, सिंह सरदारा दीं.. गीत पर दंगे का मार्मिक क्षण जीवंत रूप से विरह रस में दर्शाया गया। जिसे देखकर दर्शकों का दिल पसीज गया था।
बता दें कि सिख समाज की तरफ से हर वर्ष श्री गुरु गोविंद सिंह के प्रकाशोत्सव पर वार्षिक नगर कीर्तन निकाला जाता है। इस बार के नगर कीर्तन यात्रा में एक नई झांकी देखने को मिली। यह झांकी थी 1984 सिक्ख कत्लेआम की। यह झांकी जहां-जहां से गुजरी। लोगों के आंखों से आंसू छलकने लगे। यात्रा के हर चौराहे व तिराहे पर यह झांकी जीवंत रूप से दिखाई गई। जिसमें दिखाया गया कि आखिरकार दंगे में कितने लोगों ने प्राण त्यागे थे। बच्चे, बूढ़े या जवान हर कोई मौत की नींद सो गया था। इसके बाद शुरू होता है करुणा का दौर। जब यह दिखाया गया कि कैसे एक मां, एक बेटी, एक बहन आदि अपने बेटे, पिता और भाइयों को ढूंढ रही है। लाशों का अंबार लगा है। आखिर अपने परिजनों को ढूंढे तो ढूंढे कैसे। यह मंजर जब जीवंत रूप से दिखाया गया तो हर कोई सहर उठा। दर्शकों के आंखों से आंसू निकलने लगे। रौंगटे खड़े होने लगे। इस संबंध में नगर कीर्तन कमेटी के संरक्षक व ब्रज क्षेत्र भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष सरदार भूपेंद्र सिंह टुटेजा ने बताया कि अभी हाल ही में दंगे के आरोपी सज्जन कुमार को सजा हुई है। इस कारण इस बार इस झांकी को विशेष रूप से रखा गया है। इस झांकी का मुख्य उद्देश्य है कि लोगों को पता चले कि दंगे में सिख समाज के साथ क्या हुआ था। इसी के साथ इस दंगे के जो अन्य दोषी हैं। उन्हें भी जल्द से जल्द सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि यह सजा समाज के जख्मों को तो नहीं भर सकती, लेकिन हां तसल्ली जरूर दे सकती है कि आज भी भारत में न्याय व्यवस्था है। जिससे अपना विश्वास खोना नहीं चाहिए।
जाम से जूझता रहा शहर
नगर कीर्तन यात्रा का दायरा काफी बड़ा था। यह यात्रा तकरीकबन चार किलोमीटर लंबी थी। इस कारण इस यात्रा के आने से पहले ही पर्याप्त पुलिस फोर्स ने रूटों को डायवर्ट कर रखा था। लेकिन यात्रा का रूट मुख्य मार्ग पर होने के कारण कई घंटों तक सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही। रेलवे रोड, दुबे का पड़ाव आदि मुख्य चौराहे पर लोग घंटों तक अपने वाहन को निकालने की जुगत में फंसे रहे। लेकिन पुलिस ने यात्रा गुजरने के बाद ही वाहनों का संचालन सुचारू किया। तब तक पुलिस ने वाहनों को यथा स्थिति में ही रखे रखा।
किसी का मोबाइल तो किसी का पर्स चुरा
नगर कीर्तन में अधिक भीड़ होने की वजह से कई श्रद्धालुओं के मोबाइल, पर्स चोरी हो गए। जिनका सामान पार हुआ था वह इधर-उधर भटकते नजर आए। बारहद्वारी स्थित भाजपा कार्यालय के पास विनीत कुमार सैनी ने एक युवक को पकड़कर अपने मोबाइल पार होने की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने युवक को थाने भेज दिया। लेकिन उस समय युवक के पास मोबाइल नहीं था। वहीं स्थानीय निवासी यामीन पुलिस से अपने मोबाइल ढूंढने की गुहार लगाता रहा। कहा कि लंगर के दौरान किसी ने मोबाइल चुरा लिया है। जिसमें चार हजार रुपये भी थे। पुलिस ने उसे सीधे थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कहा। वहीं यात्रा के दौरान युवक सोनू घड़ीवाले का पर्स किसी ने पीछे से पार कर दिया। वह भी पुलिस के पास पहुंचा, लेकिन व्यस्त होने के कारण सभी ने उसे थाने जाने के लिए कहा।