डीएस कॉलेज में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा अंतर महाविद्यालयीय महिला कबड्डी प्रतियोगिता अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई। हैरत की बात यह है कि विजेता व उपविजेता टीम को ट्रॉफी तक नहीं दी गई। प्रतियोगिता में एके कॉलेज शिकोहाबाद विजेता व उप विजेता एसवी कॉलेज रहा।
प्रतियोगिता निर्धारित समय से दो घंटे बाद शुरू हुई।
दोपहर करीब एक बजे विश्वविद्यालय से नियुक्त किए गए पर्यवेक्षक डॉ. एसडी पचौरी, डॉ. रणवीर सिंह पहुंचे, तब जाकर मैच शुरू हुआ। पहले मैच में कई खिलाड़ी अंडर एज व शैक्षिक अभिलेख में कमी होने के चलते चौधरी जीवन सिंह मेमोरियल कॉलेज सारौल टप्पल की टीम को अवैध कर दिया गया। फाइनल मैच एके कॉलेज शिकोहाबाद व एसवी कॉलेज अलीगढ़ के बीच खेला गया।
शिकोहाबाद ने अलीगढ़ को 34-24 से हरा दिया। विजेता व उप विजेता टीम को न तो कोई ट्रॉफी दी गई और न ही प्रमाण पत्र। टीम मैनेजर को जलपान भी नहीं कराया, जबकि जलपान के लिए यूनिवर्सिटी धनराशि मुहैया कराती है। यह बात अलग है कि यूनिवर्सिटी से धनराशि नहीं भेजी गई। इस आयोजन में सिर्फ औपचारिकताएं निभाई गईं। मैच के दौरान खिलाड़ियों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच पड़ताल की गई, जो काफी पहले हो जाना चाहिए था।
इससे पूर्व खिलाड़ियों से प्राचार्य डॉ. हेम प्रकाश ने परिचय प्राप्त किया। निर्णायक मोहम्मद अली, वलीउज्जमा खां, राजेश गुप्ता, गजेंद्र तिवारी, नीरेश ठाकुर रहे। इस मौके पर डॉ. धमेंद्र चाहर, डॉ. अजय सिंह, डॉ. राजेश अग्रवाल, डॉ. अतुल मित्तल, डॉ. मंजू सिंह आदि मौजूद रहे।