क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
एडीजे-11 सुयश प्रकाश श्रीवास्तव के न्यायालय से विवाहिता की दहेज के लिए जिंदा जलाकर हत्या के मामले में आरोपी पति को दस साल कैद की सजा सुनाई गई है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी शैलेंद्र अग्रवाल व ललित पुंढरी के अनुसार घटना के संबंध में इरफान निवासी छाता मथुरा ने मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा था कि सास-ससुर की मौत के चलते उसकी साली फरजाना को उसने पाला और उसका निकाह भी खुद किया।
पहले पति से तलाक के चलते दूसरा निकाह 18 अगस्त 2012 को शाहिद निवासी पला चांद संग किया गया। शादी के बाद दहेज में बाइक आदि की मांग को लेकर उसे 20 नवंबर 2012 को घर में जिंदा जला दिया गया।
बाद में उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वह 70 फीसदी से अधिक जली थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट भेज दी। इस संबंध में सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर आरोपी शाहिद को दस साल की कैद व 15 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।