न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
ठा. मलखान सिंह जिला अस्पताल की तीन बड़ी बीमारियों का इलाज शुरू कर दिया गया है। सीएमएस डॉ. रामकिशन के प्रयासों से ऐसा संभव होने जा रहा है। इसमें पहली प्रमुख समस्या फायर फाइटिंग सिस्टम का पुख्ता न होना है। जिससे हजारों मरीजों की जान कभी भी संकट में पड़ सकती है।
यहां प्रतिदिन दो हजार के करीब मरीज और इतने ही तीमारदार साथ पहुंचते हैं। अलग-अलग वार्डों में 288 बेड हैं, जो हमेशा भरे रहते हैं। इनके साथ रुकने वालों की संख्या भी लगभग 500 तक होती है।
इसके अलावा डॉक्टर, फार्मेसिस्ट और अस्पताल का अन्य स्टाफ। लगभग तीन हजार लोग यहां रहते हैं। इनकी सुरक्षा के लिए यहां केवल कुछ बाल्टियों में बालू भर कर रखने के अलावा आग से बचने के दूसरे उपाय नहीं हैं।
अस्पताल की इमारतें और विस्तार को देखते हुए इसमें कंप्लीट फायर फायटिंग सिस्टम लगवाया जाना बेहद जरूरी है। सीएमएस डॉ. रामकिशन कहते हैं कि अब इसके लिए शासन से मंजूरी मिल गई है।
जिसके बाद यहां पर अंडरग्राउंड वाटर टैंक, हायड्रेंट प्वाइंट और उसमें पानी सप्लाई की पूरी व्यवस्था की जाएगी। यहां पहले से बनी हुई पानी की टंकी को भी इससे जोड़ा जाएगा, ताकि पानी की अधिक आवश्यकता होने पर उस टंकी से भी पानी लिया जा सके।
जन औषधि केंद्र खुलेगा
ठा. मलखान सिंह जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापरक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए यहां पर जल्द ही एक जन औषधि केंद्र खोला जाएगा। जहां पर जेनेरिक दवाओं की पूरी रेंज मौजूद रहेगी। डॉक्टरों की सलाह पर मरीज इस केंद्र पर सस्ती दवाएं प्राप्त कर सकेंगे। उनको बार बार बाहर के मेडिकल स्टोरों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे।