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प्रधानाचार्यों के साथ परीक्षा सहायक व संबंधित अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई

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प्रधानाचार्यों के साथ परीक्षा सहायक व संबंधित अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई
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ब्यूरो, अमर उजाला ,अलीगढ़।

यूपी बोर्ड परीक्षा में प्राइवेट परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र में किए गए फर्जीवाड़े पर शासन का रुख बेहद सख्त है। इस जिले के 25 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को न केवल निलंबित किया जाएगा, बल्कि तत्कालीन डीआईओएस और परीक्षा प्रभारी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।

यह शासनादेश जारी होने के बाद यहां कई दिन से माध्यमिक शिक्षा महकमे में खलबली मची हुई है। माना जा रहा है कि शासन स्तर से इतना सख्त कदम कभी नहीं उठाया गया। यहां इन सभी विद्यालयों से कई महत्वपूर्ण सूचनाएं मांगी जा रही हैं, जिनके प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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वर्ष 2016-17 के शैक्षिक सत्र की यूपी बोर्ड परीक्षा में काफी ऐसे परीक्षार्थियों के प्राइवेट फॉर्म ऑनलाइन अग्रसारित किए गए ,जिनसे शैक्षिक प्रमाणपत्र पूरे नहीं थे। परीक्षा में बैठने के अपात्र होने के बाद भी इनके फॉर्म अग्रसारण केंद्रों पर भरवाए गए और इनके कथित साठगांठ के चलते इन केंद्रों पर इनके प्रमाण पत्रों की जांच नहीं की गई। इसकी शिकायत जब शासन स्तर पर की गई तो शासन ने कड़ा रुख अपनाया। सबसे पहले तो संदिग्ध पाए गए परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम रोक दिए गए और उसके बाद जांच कराई गई।

यहां अभी तक करीब 20 हजार परीक्षार्थियोें का परिणाम रुका हुआ है। इस जांच की जद में अलीगढ़ के 25 व आगरा के 9 अग्रसारण केंद्रों के प्रधानाचार्य आए। इनमें से कुछ से पिछले दिनों इलाहाबाद में पूछताछ भी गई। तदुपरांत परिषद की आख्या मिलने के बाद शासन ने कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया।

कार्रवाई के मुख्य बिंदु-
- इन केंद्रों को 10 साल तक प्राइवेट परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र अग्रसारित करने और परीक्षा केंद्र बनाने से वंचित किया जाएगा।
- केंद्रों के प्रधानाचार्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए इनको निलंबित किया जाएगा।
- तत्कालीन डीआईओएस को काम में शिथिलता बरतने के लिए प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी
- केंद्रों के परीक्षा सहायक व डीआईओएस कार्यालय के परीक्षा प्रभारी का तबादला करते हुए इन्हें भविष्य में जेडी, डीआईओएस, बीएसए कार्यालयोें में तैनाती न दी जाए।
- अर्ह परीक्षार्थियों के परीक्षाफल घोषित किए जाएंगे और अनर्ह परीक्षार्थियों के परीक्षाफल निरस्त किए जाएंगे।
- दूसरे प्रदेशों के कक्षा 10 व 12 के फेल परीक्षार्थियों का सत्यापन कराया जाए और जिनका डाटा नॉट फाउंड दर्शाया जा रहा है, उनका परीक्षाफल निरस्त किया जाए।

जिले के यह अग्रसारण केंद्र आए कार्रवाई की जद में
महात्मा गांधी इंटर कॉलेज विजयगढ़, किसान इंटर कॉलेज बुढासी, ले. नाहर सिंह इंटर कॉलेज क्वार्सी, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज गाजीपुर, जनविकास इंटर कॉलेज मथना कीलपुर, आदर्श कृषि इंटर कॉलेज सारौल, सर्वोदय इंटर कॉलेज बैना, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज दत्ताचोली, बिहारीलाल भारती इंटर कॉलेज पालीमुकीमपुर, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज चंडौला सुजानपुर, पंचानन इंटर कॉलेज गौरोला, राजकीय हाईस्कूल सिमरौठी, राष्ट्रीय विद्यालय इंटर कॉलेज खैर, ओपी मित्तल उ.मा.विद्यालय खैर, जमुनाखंड इंटर कॉलेज टप्पल, गंगाखंड इंटर कॉलेज दयालपुर, सुशीलचंद मित्तल इंटर कॉलेज, गोमत, एसपी इंटर कॉलेज पलसेडा, एसजीएस इंटर कॉलेज अर्रना बझेड़ा, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गोधा, बिसारा इंटर कॉलेज बिसारा, विक्रम विद्या इंटर कॉलेज बांकनेर, सालपुर इंटर कॉलेज, सालपुर, रेवती गोयल राजकीय कन्या इंटर कॉलेज जट्टारी, संकट मोचक हाईस्कूल मादक।

रिजल्ट के लिए पत्राचार शुल्क जमा कराने के निर्देश
माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय सचिव ने जिले में कार्रवाई की जद में आने वाले 25 केंद्रों के प्रधानाचार्यों को छात्र हित में आवश्यक निर्देश दिए हैं। इस बारे में पत्रावली भेजी गई हैं।

इसमें निर्देश दिया गया है कि उनके विद्यालय के ऐसे अर्ह परीक्षार्थियों, जिन्होंने आवेदन हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्णता के आधार पर सीधे इंटर परीक्षा के लिए आवेदन पत्र अग्रसारित किया है, उनका विधिवत परीक्षण कर उनसे दो या एक साल का पत्राचार शुल्क कोषागार में जमा कराकर मूल चालान के साथ संबंधित परीक्षार्थियों के हाईस्कूल परीक्षा का उत्तीर्ण प्रमाण पत्र अथवा कक्षा 11 उत्तीर्ण पंजीकरण कार्ड सत्यापित परीक्षार्थियों की सत्यापित लिस्ट परिषद के मेरठ कार्यालय में उपलब्ध कराएं, जिससे कि अर्ह परीक्षार्थियों के परीक्षाफल को घोषित किए जाने की कार्रवाई की जा सके।
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शासन के आदेश का पालन किया जाएगा। बोर्ड कार्यालय द्वारा कुछ सूचनाएं मांगी हैं। उन सूचनाओं को भेजा जा रहा है। संबंधित अग्रसारण केंद्रों के प्रधानाचार्यों को क्षेत्रीय कार्यालय ने छात्र हित में कुछ निर्देश दिए हैं। उन्हें निर्देश का पालन कराया जा रहा है। जैसे ही अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश आएगा। उसे लेकर भी कार्रवाई कराई जाएगी।
धर्मेंद्र शर्मा, डीआईओएस
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