तौसीफ की मौत में किसी को बेकसूर न फंसाया जाए
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
एएमयू छात्र तौसीफ की मौत के मामले में तथ्यों तक पहुंचने में उलझी पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है, लेकिन तौसीफ का परिवार किसी को बेजां निर्दोष फंसाकर जेल नहीं भिजवाना चाहता। बुधवार को यहां आए तौसीफ के भाई ने यही बात एएमयू इंतजामिया व पुलिस अधिकारियों से ही।
बदायूं के ककराला निवासी एएमयू के ओटी मैनेजमेंट के पूर्व छात्र तौसीफ की बीते शुक्रवार को सर जियाउद्दीन हॉल में संदिग्ध हालत में गोली लगने से मौत हो गई थी। भाई ने इस संबंध में कमरे में बैठे सिटी स्कूल के 11वीं के छात्र नबील हसन, बीए द्वितीय वर्ष के छात्र मो. अकबर और एक अन्य रिजवान को शक के आधार पर नामजद कर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस शक की वजह यह थी कि यह तीनों घटना के वक्त तौसीफ के पास थे। मगर पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
अभी यह तय नहीं हो पाया है कि यह हत्या है या एक्सीडेंट। लगातार पुलिस इस मंथन में जुटी है और विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। इसी बीच बुधवार शाम मृतक का भाई बदायूं से अलीगढ़ आया, यहां एएमयू इंतजामियां के अधिकारियों व इंस्पेक्टर सिविल लाइंस आदि से मिला। उसका कहना था कि जो तथ्य यहां से सामने आए, उसी आधार पर मुकदमा दर्ज कराया है। मगर पुलिस अपने स्तर से निष्पक्ष जांच करें। कोई निर्दोष जेल न जाए। सीओ तृतीय संजीव दीक्षित इतना ही बताते हैं कि अभी जांच जारी है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।