कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने जानी कूड़ा प्रबंधन की विधि
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
अमर उजाला और माहेश्वरी क्रिएटिव क्लब द्वारा मंगलवार को कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्रोत पर ही कूडे़े को अलग करने और निस्तारण करने के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इसमें स्कूल के बच्चों को कूड़े के प्रबंधन की विभिन्न विधियों को नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने बताया। इस दौरान बच्चों ने नगर आयुक्त से एक से बढ़कर एक सवाल पूछे। बच्चों की जिज्ञासा का स्तर देख नगर आयुक्त भी दंग रह गए।
शहर को स्मार्ट और कूड़ा मुक्त बनाने के उद्देश्य से माहेश्वरी क्रिएटिव क्लब के संरक्षक संजय माहेश्वरी अपने सभी पदाधिकारियों के साथ कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल पहुंचे। स्कूल के 1300 छात्र-छात्राओं, टीचर्स, स्टाफ आदि से स्रोत पर ही कूड़े को अलग-अलग करने के लिए सभी का सहयोग मांगा।
नगर आयुक्त ने धार्मिक दृष्टि से भी बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए समझाया कि सभी धर्मों में सफाई को प्राथमिकता दी गई है। फिर भी लोग सिर्फ अपने तन व घर को ही साफ रखते हैं। जबकि सफाई का मतलब आपके आसपास का एरिया भी है।
कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक प्रवीन अग्रवाल ने कहा कि घर का कूड़ा घर में ही निस्तारित हो इसके प्रयास के लिए उनका स्कूल नगर निगम के प्रयास के साथ है। उन्होंने नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा को आश्वासन दिया कि स्कूल में पढ़ने वाले प्रत्येक छात्र-छात्रा, अध्यापक-अध्यापिकाएं आदि अपने घर में इस व्यवस्था को तत्काल लागू करेंगे।
महेश्वरी क्रिएटिव क्लब के संजय महेश्वरी ने कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल की तरह शहर के अन्य स्कूल कालेज प्रबंधकों से इस व्यवस्था के लिए नगर निगम का सहयोग करने की अपील की। इस अवसर पर माहेश्वरी क्रिएटिव क्लब के अध्यक्ष राजीव माहेश्वरी, पूजा सोमानी, मनीष मोहता, रीतेश भूतड़ा, प्रवीन लदहड़, कमल माहेश्वरी, ब्रज मोहन भट्टर, स्कूल की प्रिंसिपल उत्तरा कपूर, नगर निगम से धर्मवीर सिंह, अहसन रब आदि मौजूद थे।
स्रोत पर अलग करने की जरूरत क्यों पड़ी
नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि एक व्यक्ति औसतन प्रतिदिन 400 ग्राम कूड़ा उत्पादित करता है। 10 लाख की आबादी वाले शहर से इस तरह प्रतिदिन 400 मीट्रिक टन कूड़ा उत्पादित होता है।
इसका अधिकांश भाग लैंडफिल करना पड़ता है, लेकिन अगर इसको स्रोत पर ही गीला कूड़ा और सूखा कूड़ा अलग कर लेंगे तो इसके जैविक तरीके से निस्तारण में और रीसाइकल करने में आसनी होगी। जिससे वातावरण में बढ़ रही कूड़े की मात्रा पर नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
जिस घर में व घर के आस पास गंदगी व कूड़ा व बदबू आती है वहां भगवान लक्ष्मी व रहमत का फरिश्ता कभी नहीं आता है। बच्चे यहां से संदेश लेकर अपने घर और आसपास उसे प्रसारित करेंगे तो उसका बहुत बड़ा असर पडे़गा। - संजय माहेश्वरी, संरक्षक माहेश्वरी क्रिएटिव क्लब