न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक के कार्यालय में लगी आग की घटना की जांच करने शनिवार देर शाम अपर कृषि निदेशक श्रीराम चंद्र पहुंचे। उन्होंने यहां आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट नहीं बल्कि किसी के साजिशन इस घटना को अंजाम देना बताया है।
इस मामले में उन्होंने कार्यालय के कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए। इस मामलेे के पीछे जेडी कार्यालय के अकाउंटेंट एवं स्थापना कार्यालय के बाबू के बीच चल रहे विवाद को माना जा रहा है। अकाउंट ऑफिस के बाबू पर साजिशन आग लगाने का शक जताया जा रहा है। इस मामले में अभी तक पुलिस से शिकायत नहीं की गई है।
आग लगने वाले कक्ष में ताला लटका दिया गया है। जांच रिपोर्ट के बाद ही मामले की स्थिति साफ हो सकेगी।
बता दें कि क्वार्सी कृषि फार्म स्थित कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक के कार्यालय परिसर में मौजूद स्थापना एवं कर्मचारियों के बिल पे से संबंधित रिकार्ड रखा जाता है।
गुुरुवार देर शाम यहां अचानक आग लग गई, जिसमें कंप्यूटर का मॉनिटर, सीपीयू और प्रिंटर जल गया। इस घटना से विभाग के कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
पहले तो मृदा परीक्षण लैब स्थापना में हुए घोटाले से संबंधित दस्तावेज जलाने की बात सामने आई। अब इस घटना में नया मोड़ आ गया है। अधिकारी इस मामले के पीछे दो कर्मचारियों का आपस में विवाद होना बता रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक पहली नजर में तो यह आग साजिशन लगाई गई है। हालांकि कुछ कर्मचारी अब भी इस घटना के पीछे मृदा परीक्षण घोटाले से जोड़कर देख रहे हैं।
मगर, जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। डीडी कृषि अनिल कुमार के मुताबिक उन्होंने कार्यालय के कर्मचारियों से इस घटना के संबंध में पुलिस को तहरीर देने की बात कही है। मगर, अभी तक किसी की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। उच्चाधिकारियों से इस मामले की जांच कराई जाएगी।
फिलहाल उक्त कक्ष में ताला लगा दिया है, जिससे किसी भी प्रकार के साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो सके। इधर, अपर कृषि निदेशक मौके का मुआयना करके चले गए हैं। इस मामले में वह जल्द ही निदेशक को रिपोर्ट सौंपेंगे।