न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
गोंडा के गांव डिगसारी में दो बच्चियों संग छेड़खानी के विरोध में पब्लिक द्वारा पीटे गए सेवानिवृत्त शिक्षक से मारपीट के मुकदमे के विरोध में इलाके का जाट समाज मुखर हो गया है। यह सीधे-सीधे मारपीट के मुकदमे को झूठा करार दे रहे हैं और कहा जा रहा है कि छेड़खानी में समझौते का दबाव बनाने के इरादे से मुकदमा दर्ज कराया गया है।
इसे लेकर राष्ट्रीय जाट एकता संगठन के बैनरतले तमाम लोग मंगलवार सुबह पहले एसीएम से कलेक्ट्रेट में मिले और फिर एसएसपी को मिलकर ज्ञापन दिया। इसमें कहा गया कि अगर मुकदमा वापस न हुआ तो वह धरना-प्रदर्शन करेंगे।
राष्ट्रीय जाट एकता संगठन के अध्यक्ष सुनील चौधरी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर जुलूस की शक्ल में आए लोगों ने एसीएम को ज्ञापन देने के बाद एसएसपी को ज्ञापन दिया।
इस ज्ञापन में कहा गया कि है कि 16 मई को दो बच्चियों को बुजुर्ग रिटायर्ड शिक्षक ने छेड़ा था। इसके बाद जब वह जेल गया तो उसके परिजनों ने झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया है। हालांकि पुलिस ने पहले छेड़खानी का मुकदमा दर्ज किया था और मौके पर मारपीट के चलते दूसरी ओर से मारपीट दर्ज की गई।
आरोप है कि यह मुकदमा दबाव बनाने के इरादे से दर्ज कराया गया है। ज्ञापन में मुकदमा खत्म करने की मांग की गई है। अन्यथा धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। एसएसपी ने जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिया है।