न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
मिशन 2019 के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के करीब एक करोड़ कार्यकर्ताओं से मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम के तहत नमो एप के जरिए सीधा संवाद किया। गुरुवार को नुमाइश मैदान स्थित कोहेनूर मंच पर भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ता उनके संवाद को सुनने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। जैसे ही प्रधानमंत्री का संवाद कार्यक्रम शुरू हुआ कार्यकर्ताओं ने नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत करीब साढ़े बारह बजे हुई। अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि दुश्मन देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन, हम रुकेंगे नहीं और तेज गति से आगे बढ़ेंगे। हमें तेज गति से चलना है। हमारी नई रणनीति बहुत अच्छा कार्य कर रही है। देश के किसानों, जवानों, युवाओं को लगने लगा है कि अब नामुमकिन भी मुमकिन है।
चुनावी तैयारी को लेकर बूथ कार्यकर्ताओं से कहा कि परीक्षा की घड़ी नजदीक आ गई है। कमर कस लें, मेहनत करने का समय आ चुका है। अपने बूथ को मजबूत करने में लग जाएं। मेरा परिवार भाजपा परिवार के तहत अपने घर, प्रतिष्ठान आदि जगहों पर भाजपा का झंडा लगाएं। भाजपा में शामिल होने के लिए लोगों को प्रेरित करें। उन्हें सरकार की उपलब्धियां गिनाएं। विजय संकल्प बाइक रैली करने का भी संकल्प लें। क्योंकि रैली से ज्यादा लोगों पर असर पड़ता है। पहली बार वोट डालने वाले वोटर हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं।
बूथ कार्यकर्ता चुनाव तक अपने क्षेत्र के कम से कम दस परिवारों से संपर्क में रहें। अटल बिहारी बाजपेयी को याद करते हुए कहा उन्होंने अपने कार्यकाल में एक से बढ़कर एक ऐतिहासिक कार्य किए। लेकिन, 2002 के बाद सब बेकार हो गया। अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि हमने पांच सालों में अपनी अर्थव्यवस्था को 17वें से 6वें पायदान पर ला दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं को पीएम की जीवनी पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
महागठबंधन नहीं ये महामिलावट है
संवाद कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल के एक कार्यकर्ता ने मोदी से महागठबंधन के बारे में पूछा। उन्होंने बड़े ही सरल अंदाज में इसका जवाब देते हुए महागठबंधन को महामिलावट की संज्ञा दी। इसके बाद तो जैसे पूरा कार्यक्रम स्थल तालियों से गड़गड़ाहट से गूंज उठा। पीएम ने कहा कि खुद का अस्तित्व बचाने के लिए कांग्रेस छोटे-छोटे दलों को अपना सहारा बना रही है। कांग्रेस खुद को जीवित रखने के लिए यह महामिलावट कर रही है। कार्यक्रम के बाद उरी हमले पर बनी फिल्म भी दिखाई गई।