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तमाम कोशिशों के बावजूद वोटर लिस्ट की शिकायतें बरकरार

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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प्रशासन की तमाम कोशिशों पर बीएलओ की करतूत एवं मनमानी हावी रही। कई वोटरों के अपने ही परिवार के सदस्य एक पोलिंग स्टेशन से दूसरे पोलिंग स्टेशन पर बगैर सूचना भेज दिये गए तो कई वोटरों के नाम परिवार समेत वोटर लिस्ट से गायब कर दिये गए। इन्हीं पीड़ितों में गांव बाढौन के प्रधान पुत्र आशीष चौहान और उनके प्रधान रहे माता पिता का नाम भी रहा। इसकी शिकायत उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से की है।

लोधा के गांव बाढ़ौन निवासी आशीष चौहान ने बताया कि उनका और उनके परिवार के दस सदस्यों का नाम वोटर लिस्ट से गायब करा दिया गया। उन्होंने बीएलओ रितु अग्रवाल पर मनमाने ढंग से अथवा किसी लालच में आकर उनकी माता, पिता समेत परिवार के दस सदस्यों का नाम वोटर लिस्ट से गायब कर दिया गया। उन्होंने बताया कि पिछले 15 सालों से उनके पिता व माता गांव के प्रधान रहे हैं। वर्ष 2015 से वह गांव के प्रधान प्रत्याशी हैं। वह वर्तमान में शहर में रह रहे हैं। जबकि माता पिता एवं अन्य परिवारीजन पैत्रिक मकान में गांव में ही रहते हैं। बीएलओ ने गांव में आए बिना मनमाने ढंग से उनका तथा परिजनों का नाम वोटर लिस्ट से गायब कर दिया।
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इसका पता उन्हें एक दो दिन पहले लगा। अब कोई सुनने को तैयार नहीं है। शहरी क्षेत्र में भी ऐसे वाकिये कम नहीं हैं। मामू भांजा निवासी व्यापारी गोविंद तायल ने बताया कि बीएलओ की मनमानी से उनकी पत्नी प्रमिला तायल का नाम भी वोटर लिस्ट से गायब हो गया है। जबकि उनके परिवार में मात्र तीन सदस्य हैं। इनमें से वोटर लिस्ट में मेरा और पुत्र का नाम तो है, लेकिन पत्नी का नाम गायब कर दिया गया।
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