सरेंडर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी, नहीं फंसा सुमित
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
कैशवेन लूटकांड के अभियुक्त सुमित को दबोचने के लिए पुलिस ने दूसरी दिन भी दीवानी कोर्ट के आसपास अपना जाल बिछाया लेकिन उसके कोर्ट में समर्पण करने की सूचना झूठी निकली और दूसरे दिन भी सुमित पुलिस के जाल में नहीं फंसा।
पिछले माह 17 जुलाई को धनीपुर मंडी स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम के निकट गार्ड राकेश की हत्या क र व उसके साथी को घायल कर बदमाशों ने 34.50 लाख रुपये लूट लिए थे। पुलिस ने इस वारदात का खुलासा कर कई बदमाशों को पकड़ लिया था और कुछ अभी फरार हैं।
फरार शातिरों में सुमित चौधरी मूल निवासी सदीकपुर बाजना मांट शामिल है। लूट की सारी प्लानिंग उसके अन्नापुरम रामघाट रोड थाना क्वार्सी स्थित किराये के फ्लैट पर बनी थी। वह कई लूट आदि की वारदातों में शामिल रहा है।
पुलिस उसे कई दिन से तलाश रही है। उसके बारे में सोमवार को पुलिस को यह सूचना मिली कि सुमित कोर्ट में समर्पण कर सकता है। इस पर पुलिस सक्रिय हो गई और कोर्ट के आसपास पहरेदारी कड़ी कर दी गई। खुद कई पुलिस अधिकारी व कर्मी सादा वर्दी पहनकर संदिग्धों पर निगाह जमाए रहे लेकिन सुमित पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। हालांकि वह कोर्ट में समर्पण करने के लिए भी नहीं पहुंचा।
अब मंगलवार को भी पुलिस को यही सूचना मिली कि आज सुमित कोर्ट में सरेंडर करेगा। इस पर पुलिस फिर चौकस हो गई। पुलिस ने फिर दीवानी के निकट घेराबंदी की और संदिग्धों पर नजर रखी लेकिन सुमित कोर्ट में सरेंडर करने नहीं आया।
पुलिस की कोशिश है कि सुमित को गिरफ्तार कर लिया जाए, जिससे कि उससे इस वारदात के और राज उगलवाए जा सकें और पूछताछ में उससे कुछ और वारदातों का भी खुलासा हो सके। इसके पीछे वजह यह भी है कि सुमित आदि के पास लाखों रुपये की रकम है। अगर वह सरेंडर कर जेल चले गए तो रकम बरामदगी में दिक्कत होगी।