गौरव का कहना है कि उनकी पासबुक सुरेंद्र नगर विष्णुपुरी डाकघर में ही रहती थी, और उनकी ही नहीं बल्कि करीब 250 अन्य खाताधारकों की पासबुक भी डाकघर में ही रखी जाती थी। अब डाकघर वाले उन्हें नई पासबुक बनवाने को कह रहे हैं।
अलीगढ़ जेल में बंद एक व्यक्ति के डाकघर खाते से 40 हजार रुपये निकाले जाने के बाद अब उसकी पासबुक भी गायब हो गई है। 20 जून को जेल से छूटने के बाद खाताधारक गौरव जब सुरेंद्र नगर विष्णुपुरी डाकखाने पहुंचा तो उसे वहां पासबुक नहीं मिली। पीड़ित गौरव ने अब डाक निदेशक से इस मामले में शिकायत की है।
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गौरव ने बताया कि पारिवारिक विवाद के चलते चार महीने पहले जेल जाना पड़ा था। जेल जाने के बाद उनके डाकघर खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। गौरव 20 जून को जेल से रिहा हुआ और सुरेंद्र नगर डाकघर पहुंचे। यहां कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि बिना पासबुक के पैसे नहीं मिलेंगे, जबकि गौरव सभी आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने को तैयार था।
गौरव का कहना है कि उनकी पासबुक सुरेंद्र नगर विष्णुपुरी डाकघर में ही रहती थी, और उनकी ही नहीं बल्कि करीब 250 अन्य खाताधारकों की पासबुक भी डाकघर में ही रखी जाती थी। अब डाकघर वाले उन्हें नई पासबुक बनवाने को कह रहे हैं। 21 जून को गौरव ने प्रधान डाकघर पहुंचकर उच्चाधिकारियों के समक्ष अपनी पूरी बात रखी। डाक विभाग के जनसंपर्क अधिकारी संजय खन्ना ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।