पानी के जहाज से हैवलॉक से पोर्ट ब्लेयर जाते एएमयू के शिक्षक डॉ. जुल्फिकार एवं अन्य।
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शीतकालीन अवकाश में परिवार के साथ अंडमान व निकोबार द्वीप पर घूमने गए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शिक्षक चक्रवाती तूफान (पाबुक) से दहशत में हैं। तूफान की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा पर्यटकों को हैवलॉक द्वीप से पोर्ट ब्लेयर शिफ्ट किया जा रहा है। पानी के जहाज से पोर्ट ब्लेयर जा रहे पर्यटक समुद्र में तेज लहरें देखकर चिंतित हैं। अलीगढ़ से गए कुल 33 लोग इस जहाज में हैं।
एएमयू सिटी स्कूल के सात शिक्षक शीतकालीन अवकाश में परिवार के साथ अंडमान व निकोबार द्वीप घूमने गए हैं। इसमें डॉ. जुल्फिकार, मो. नईम, सैयद मुसाहिद अली, नूर अल बसर खान, सैयद अहमद रजा, फिरदौस सलीम आदि शामिल हैं। 4 जनवरी की सुबह वे लोग अंडमान व निकोबार पहुंचे। 5 जनवरी की सुबह खूबसूरत हैवलॉक द्वीप पर पहुंच गए थे। थाईलैंड की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान (पाबुक) के अंडमान सागर में पहुंचने की आशंका से स्थानीय प्रशासन द्वारा पर्यटकों को सतर्क (येलो एलर्ट) कर दिया गया है।
सिटी स्कूल के शिक्षक डॉ. जुल्फिकार ने अपराह्न में फोन पर बताया कि स्थानीय प्रशासन द्वारा उन लोगों को तीन मंजिलें पानी के जहाज से हैवलॉक द्वीप से पोर्ट ब्लेयर शिफ्ट किया जा रहा है। इस जहाज में अलीगढ़ के करीब 33 लोगों के अतिरिक्त अन्य स्थानों के 400-500 पर्यटक हैं। शाम तक पोर्ट ब्लेयर पहुंचने की संभावना है। उन्होंने बताया कि समुद्र में तेज लहरें उठ रही है और उसका पानी जहाज पर आ रहा है। जुल्फिकार का कहना है कि हैवलॉक द्वीप से पोर्ट ब्लेयर जाने में 90 मिनट का समय लगता है। लेकिन लहर को देखते हुए जहाज की गति बेहद धीमी है। करीब चार घंटे लगने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि 5-6 बजे तक पोर्ट ब्लेयर पहुंचने की उम्मीद है। बाद में काफी प्रयास के बावजूद डॉ. जुल्फिकार से बात नहीं हो सकी।