न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
आधार कार्ड गुम होने पर उसे री-प्रिंट कराना या पुराने आधार कार्ड डाटा में किसी भी प्रकार के संशोधन के लिए लोगों को अब पहले से अधिक पैसा खर्च करना पड़ेगा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने इन सुविधाओं के लिए सीमा शुल्क के तौर पर 30 रुपये की बजाय 50 रुपये का शुल्क निर्धारित किया है। नई दरें एक जनवरी से लागू हो चुकी हैं।
हालांकि नया आधार कार्ड बनवाने के लिए लोगों को पहले की तरह अब भी किसी प्रकार का सीमा शुल्क नहीं देना होगा। इधर, आधार कार्ड में संशोधन कराने और नये आधार कार्ड बनवाने को आवेदन करने वालों की भीड़ दिन-प्रतिदिन डाक विभाग में बढ़ती जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक प्राइवेट सेंटरों पर आधार कार्ड बनने की सुविधा बंद होने के बाद हाथरस, खुर्जा, संभल, बुलंदशहर सहित जनपद के देहात क्षेत्र के लोगों को सिर्फ अलीगढ़ प्रधान डाकघर में ही यह सुविधाएं मिल रही हैं।
अलीगढ़ पर बढ़ा बोझ
नये आधार कार्ड बनाने और पुरानों में संशोधन के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत के बाद शासन द्वारा प्राइवेट जन सुविधा केंद्रों पर प्रतिबंध लगाने के बाद से डाक विभाग पर आई जिम्मेदारी को विभागीय अधिकारी कर्मचारियों के अभाव पूरी तरह निभा नहीं पा रहे हैं। एएमयू सहित 18 डाकघरों को इस सुविधा के लिए चुना गया था। मगर, अलीगढ़ प्रधान डाकघर में ही आधार कार्ड में संशोधन औैर नये आधार कार्ड बनने का काम हो रहा है। इधर, हाथरस, खुर्जा, बुलंदशहर, संभल में आधार कार्ड का काम ठप हो गया है। अब यहां के लोग भी अलीगढ़ प्रधान डाकघर की ओर ही रुख करने को मजबूर हो रहे हैं।
आवेदन आज, नंबर आएगा तीन माह बाद
हाथरस, खुर्जा, बुलंदशहर, संभल में आधार कार्ड का काम ठप होने के बाद अलीगढ़ पर बढ़े बोझ का आलम यह है कि चार हजार से अधिक आवेदक वर्तमान में वेटिंग लिस्ट में हैं। प्रतिदिन यहां 60 आवेदकों को ही अपने आधार कार्ड बनवाने और पुराने कार्ड में संशोधन कराने का मौका मिल पा रहा है। नये आवेदन करने वालों को अपनी बारी के लिए ढाई से तीन माह का इंतजार करना पड़ रहा है।
फिलहाल अलीगढ़ प्रधान डाकघर में ही आधार कार्ड का काम हो रहा है। यहां भारी संख्या में आवेदकों के पहुंचने के कारण उन्हें वेटिंग लिस्ट में रखना पड़ रहा है। उच्चाधिकारियों से इस समस्या पर बात कर जल्द ही समाधान खोजा जाएगा।
- जीएन प्रसाद, वरिष्ठ डाक अधीक्षक