एनएच निर्माण की धीमी गति से कमिश्नर खफा
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
गाजियाबाद से कानपुर एनएच 91 एवं अलीगढ़ से मुरादाबाद एनएच 93 के निर्माण कार्य की धीमी गति से कमिश्नर की त्योरियां चढ़ी हुई हैं। उन्होंने मंडलीय अफसरों की बैठक बुलाकर कड़ी फटकार लगाई। इस दौरान विभिन्न विभागों में चल रही तालमेल की कमी से पिछड़ रहे निर्माण पर नाराजगी जताते हुए आपसी तालमेल बनाकर काम करने की नसीहत दी।
समीक्षा में सबसे खराब स्थिति 414 किमी लंबे गाजियाबाद से कानपुर तक बन रहे फोर लेन मार्ग एनएच 91 की पाई गई। पता चला कि यह मार्ग गाजियाबाद से अलीगढ़ तक तो बन चुका है, लेकिन इसके आगे का निर्माण शुरू होना तो दूर सर्वे तक पूर्ण नहीं हुआ है।
मंडल के अलीगढ़, हाथरस व एटा जिलों के 88.80 किमी लंबे हिस्से में 15 गांवों की जमीनों का अवार्ड घोषित होना है। इनमें से मात्र चार गांवों में जमीनों का अवार्ड घोषित हुआ है। किसानों को उनकी जमीनों का अलीगढ़ में 28 करोड़, हाथरस में 16 करोड़ मुआवजा नहीं बंटा है।
एटा में जमीन पर मुकद्दमे के निस्तारण के प्रति ढुलमुल रवैया अपनाया जा रहा है। एटा व हाथरस में वन भूमि पर पेड़ कटे हैं, उनके दोगुने पेड़ दूसरे स्थान पर लगवाने के संबंध में निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि फिरोजाबाद में भूमि उपलब्ध है अत: पेड़ वहां लगवाए जाएं। बिजली की लाइनें शिफ्ट कराने तथा खंभे बदलवाने का काम भी लंबित मिला है।
कमिश्नर सुभाष चंद शर्मा ने बताया कि सभी एनएचएआई अफसरों को जल्द से जल्द काम निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। समय सीमा का विशेष ख्याल रखने को कहा गया है। इस मौके पर अपर आयुक्त आरके सिंह समेत अन्य अफसर मौजूद थे।
समीक्षा बैठक में नहीं आए वरिष्ठ अफसर
मंडलीय समीक्षा बैठक में एनएचएआई के वरिष्ठ अफसर नदारद रहे। कमिश्नर ने पूछताछ तो बताया गया कि वे सभी एनएच के यातायात जागरूकता कार्यक्रम में व्यस्त हैं। जो अफसर आए भी थे, उन्हें पूरी जानकारी नहीं थी। इस पर नाराजगी जताते हुए कमिश्नर ने अगली बैठक में पूरी तैयारी से आने के निर्देश दिए।