फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहले नियम विरुद्घ काम कराए, फिर सीएम के आदेश हवा में उड़ाए

विज्ञापन
विज्ञापन
पहले नियम विरुद्घ काम कराए, फिर सीएम के आदेश हवा में उड़ाए
विज्ञापन


ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।

पहले नियम विरुद्ध काम कराए और जब सीएम ने जांच के आदेश दिए तो संबंधित कामों के कागज ही दबा डाले। यह कारनामा है जिला पंचायत अफसरों का। विधानसभा में नियम 51 में यह मसला दोबारा उठा तो शासन ने दो दिन में कामों से संबंधित पत्रावलियां तलब कर ली हैं। डीएम के आदेश पर एडीएम वित्त की अध्यक्षता वाली कमेटी ने गुरुवार को पत्रावलियों की जांच की। अब स्थलीय सत्यापन की बारी है।
बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह का आरोप है कि जिला पंचायत द्वारा छह अक्तूबर 2016 को 109 विकास कार्यों की निविदाएं आमंत्रित की गई थी। इनमें से अधिकतर निविदाएं ग्राम के अंदर छोटी-छोटी गलियों की थी। जबकि पंचायतीराज शासनादेशों के अनुसार जिला पंचायत एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र को जोड़ने वाले विकास कार्य तो करा सकती है, लेकिन ग्राम सभा के अंदर छोटी छोटी गलियों का काम नहीं करा सकती।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में भी ऐसे विकास कार्य कराए गए हैं। एक वर्ष के अंदर काफी कार्य दस लाख तक के हुए हैं। बड़े कामों को भी टुकड़ों में तोड़कर दस लाख की लागत में समायोजित कर कराया गया है। उन्होंने बताया कि यह मामला उन्होंने दो अप्रैल 2017 को विधानसभा में उठाया था। मुख्यमंत्री के आदेश पर प्रमुख सचिव ने एक सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट तलब की। लेकिन विभागीय अफसरों ने आदेशों को दरकिनार कर संबंधित कागज ही दबा लिए। विधायक प्रतिनिधि सुशील गुप्ता ने बताया कि डीएम ने भौतिक सत्यापन के लिए एक कमेटी गठित कर दी है। इस समिति ने संबंधित पत्रावलियों की जांच की।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें