आगामी विधानसभा चुनावों में 218 नए पोलिंग बूथ बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके साथ ही सन 2003 की मतदाता सूची उपलब्ध नहीं होने पर निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 16 प्रमाण पत्रों में से कोई एक प्रस्तुत करने पर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की बात भी कही गई है।
12 नवंबर को कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ विधानसभा के मतदेय स्थलों के संबंध में बैठक आयोजित की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव रंजन ने कहा कि इस बार 1200 मतदाता प्रति बूथ का लक्ष्य है। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, मतदाताओं की सुगमता और मतदान प्रतिशत में वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मतदेय स्थलों का निर्धारण किया जा रहा है।
बैठक में एडीएम प्रशासन पंकज कुमार ने बताया कि पुराने बूथ 1500 मतदाताओं की संख्या के आधार पर थे। इसी आधार पर वर्तमान में 3016 मतदेय स्थल थे। नया प्रस्ताव 1200 मतदाताओं को आधार मानकर प्रति बूथ मताधिकार की सुविधा प्रदान करने का है। इसके चलते जिले में 218 मतदेय स्थलों की बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है। इस तरह अब कुल 3234 मतदेय स्थल प्रस्तावित किए गए हैं। बैठक में भाजपा से उदयवीर सिंह लोधी, सपा से आमिर आबिद, अब्दुल हमीद घोसी, सलामुद्दीन, मनोज यादव, बसपा से अशोक कुमार सिंह, कांग्रेस से एसएम मुस्तकीम और माकपा से इदरीश मोहम्मद शामिल थे।
हमारा मकसद किसी का नाम काटना नहीं बल्कि मतदाता सूची में सुधार करना है। सन 2003 की मतदाता सूची नहीं होने के संबंध में निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक ही व्यवस्था है। 16 प्रमाण पत्रों की सूची है। दस्तावेज प्रस्तुत करने पर नाम शामिल हो जाएगा। यह सिर्फ एक प्रक्रिया का हिस्सा है। - संजीव रंजन, जिला निर्वाचन अधिकारी