न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
स्वास्थ्य विभाग के ठेकों में आधार कार्ड की अनिवार्यता पर गुरुवार को सीएमओ कार्यालय पर कुछ ठेकेदारों ने जमकर एतराज जताया और इस औपचारिकता को अव्यवहारिक करार देते हुए प्रशासनिक कार्य में लगे डॉक्टरों को मूर्ख कह दिया। जबकि विभागीय अधिकारियों ने इसे डिफाल्टरों से बचने और उनको चिह्नित के लिए अनिवार्य प्रक्रिया बताया है।
स्वास्थ्य विभाग में गुरुवार को भोजन आपूर्ति, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर साफ सफाई, अन्य सामान की आपूर्ति के लिए तीसरी बार टेंडर डाले गए थे। इन टेंडरों के लिए फर्म की तीन साल की बैलेंसशीट, पैन कार्ड, इनकम टैक्स रिटर्न के साथ ही आधार कार्ड भी मांगा गया।
इस पर कुछ ठेकेदारों ने एतराज जता दिया। एक ठेकेदार ने तो प्रशासनिक कार्यों में लगे सभी डॉक्टरों को मूर्ख तक कह दिया। उक्त ठेकेदार के मुताबिक यह लोग चिकित्सक हैं और इन्हें विभाग का प्रशासनिक कार्य या वित्तीय कार्य करना नहीं आता।
कुछ ठेकेदारों ने इस बात को लेकर एतराज जताया कि एक बार निविदा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगर कोई औपचारिकता कम पाई जा रही है तो उसे पूरे करने का अवसर क्यों दिया जा रहा है।
जब ऐेसे लोग बीमार पड़ते हैं और डॉक्टरों के पास आते हैं तब पता लगता है कि मूर्ख कौन है। जहां तक प्रशासनिक कार्यों का सवाल है तो यह सही है कि हमें मजिस्ट्रेटी पावर नहीं है, लेकिन इसके बाद भी हम प्रशासनिक कार्यों को कर रहे हैं। आधार की औपचारिकता डिफाल्टरों से बचने के लिए की गई है।
- डॉ. एमएल अग्रवाल, सीएमओ