न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रावास के किसी कमरे में कोई अवैध व्यक्ति शरण लेता है तो उस कमरे में रहना वाला छात्र एवं हॉल प्रशासन जिम्मेदार होगा और उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शोध छात्र मन्नान बशीर वानी के आतंकी संगठन में शामिल होने की खबर आने के बाद एएमयू के छात्रावासों में निगरानी बढ़ाए जाने पर जोर दिया जा रहा है।
एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने सभी आवासीय हालों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह हॉल में किसी अज्ञात एवं अवैध व्यक्ति को प्रवेश न करने दें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्र को किसी कारण से शहर से बाहर जाना है तो वह हाल प्रशासन को गंतव्य समेत अपने आने-जाने के कारण से भी अवगत कराएगा। इससे छात्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकेगा।
नोटिस में कहा गया है कि यदि कोई छात्र किसी गैर कानूनी अथवा देश विरुद्ध गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरोध कठोर कार्यवाही की जाएगी। सभी हालों के प्रशासनिक अधिकारियों से कहा गया है कि वह उचित अंतराल पर अपने-अपने छात्रावासों का दौरा करें।
आतंक का रास्ता छोड़कर वापस आ जाओ वानी
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भूगर्भ विज्ञान विभाग के शिक्षकों, छात्रों एवं कर्मचारियों ने शोध छात्र मन्नान बशीर वानी से आतंक का रास्ता छोड़कर वापस आने का आग्रह किया है।
गुरुवार को विभाग में आयोजित बैठक में शिक्षक, छात्र एवं कर्मचारियों ने कथित रूप से आतंकवादी संगठन में शामिल होने वाले शोध छात्र वानी से शिक्षण कार्य की ओर वापस लौट जाने का आग्रह किया।
वक्ताओं ने कहा कि एएमयू अपने छात्रों एवं संबंधित व्यक्तियों में राष्ट्र प्रेम की भावना उद्धत करने एवं उनको राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करने की शिक्षा प्रदान करता है। एएमयू देश की सर्वाधिक प्रतिष्ठित संस्थाओं में एक है तथा प्रारंभ से ही राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।