अभिषेक तायल, अमर उजाला, अलीगढ़।
वर्षों से प्रशिक्षकों की कमी से जूझ रहा जिला स्टेडियम अब जल्द ही प्रशिक्षकों से खिलखिला उठेगा। इन प्रशिक्षकों की तैनाती उत्तर खेल निदेशालय की ओर से नहीं, बल्कि जिला खेलकूद प्रोत्साहन समिति की ओर से होने वाली है। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने इस संबंध में बुधवार को उपक्रीड़ाधिकारी को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
करीब 36 लाख की आबादी वाले जिले में न तो खिलाड़ियों की और न ही खेल प्रेमियों की कमी है। कमी है तो सिर्फ जिला स्टेडियम में प्रशिक्षकों की। यहां करीब चौदह खेलों के लिए एक अच्छी व्यवस्था है, जिनमें लान टेनिस, टेबिल टेनिस, क्रिकेट, फुटबाल, बैडमिंटन, एथलेटिक्स, कुश्ती, कबड्डी, वालीबाल, हॉकी, शूटिंग, वेटलिफ्टिंग शामिल हैं। पिछले तीन चार साल से केवल तीन-चार कोच की ही खेल निदेशालय से तैनाती होती है।
वह भी अपना टाइम पीरियड पूरा करने के बाद चले जाते हैं। जनवरी से मई तक यहां किसी प्रशिक्षक की तैनाती नहीं होती। ऐसे में खिलाड़ी बिना प्रशिक्षकों के ही स्टेडियम में प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए डीएम चंद्रभूषण सिंह ने उपक्रीड़ाधिकारी अश्विनी कुमार त्यागी को जिला खेलकूद प्रोत्साहन समिति के तहत प्रशिक्षक मुहैया कराने का फैसला लिया है।
इसके लिए उन्होंने प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उपक्रीड़ाधिकारी अश्विनी कुमार त्यागी ने बताया कि प्रस्ताव में बैडमिंटन, एथलेटिक, फुटबाल, हॉकी, क्रिकेट, वालीबाल, वेटलिफ्टिंग और शूटिंग के आठ प्रशिक्षकों को शामिल किया है। डीएम ने पहले भी स्टेडियम में समय-समय पर विकास कार्य कराए हैं।